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Maharajganj News: खुद तो सुख-सुविधाओं से लैस, दूरदराज से आने वाले फरियादियों की फिक्र नहीं

Mon, 29 May 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 29 May 2023 12:45 AM IST
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self-contained facilities
सीएमओ कार्यालय परिसर में लगा हैंडपंप खराब।संवाद
जरूरी कामकाज कराने के लिए सरकारी दफ्तर आना है तो घर से लेकर आइए पानी, व्यवस्था बेहतर बनाने के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अधिकारी खुद तो सुख-सुविधाओं में रहते हैं, लेकिन दूरदराज से आने वाले फरियादियों की चिंता नहीं करते हैं। जरूरी काम कराने के लिए आने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों में पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कुछ लोग पानी खरीद कर प्यास बुझा लेते हैं, लेकिन अधिकतर लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते हैं। फरियादियों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में कामकाज कराने जाना हो तो घर से पानी की बोतल लेकर जाना पड़ता है। शिकायत करने के बाद भी अधिकारी समस्याओं का समाधान करने में गंभीर नहीं है।
विकास भवन, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, पुस्तकालय, तहसील परिसर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय परिसर में पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं है। तपती धूप में दूरदराज से आने वाले लोगों को प्यास लग जाती है तो समस्या होती है। सार्वजनिक पेयजल का इंतजाम ठीक नहीं है। कहीं वाटर कूलर में टोटी नहीं है तो कहीं एक सप्ताह से मोटर खराब है। सभी कार्यालयों में प्रत्येक दिन औसतन 800 लोग जरूरी काम से आते हैं। प्यास लगने पर आस पास की दुकानों पर लोगों को जाना पड़ता है।
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हैंडपंप का पानी ठीक नहीं
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में पेड़ के नीचे एक हैंडपंप लगा है। यहां नाली से बदबू आ रही थी। इस वजह से कोई यहां पानी पीने नहीं आता है। थोड़ी देर में घूमते हुए राधे आए तो बताया कि इस हैंडपंप का पानी ठीक नहीं है। गर्मी में पेयजल की समस्या पर अधिकारी गंभीर नहीं है। सीएमओ कार्यालय में जरूरी काम कराने के लिए प्रत्येक दिन करीब 100 से अधिक लोग आते हैं। सभी लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी शिविर लगने के दौरान होती है।
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पानी ठंडा भी नहीं होता, गिरता है धीरे-धीरे
तहसील परिसर में दो आरओ लगा है। पहले की दशा यह है कि न तो पानी ठंडा होता है, न नहीं ठीक से गिरता है। एक बोतल पानी भरना में 20 मिनट लग जाता है। तेज प्यास लगी हो तो जल्दी पानी पीना संभव नहीं है। परिसर में दूसरा आरओ लगा है, वह खराब है। दूरदराज से आने वाले लोगों की संख्या प्रत्येक दिन 200 से अधिक होगी। लोग तहसील से जुड़े कामकाज कराने में आते हैं तो पेयजल के लिए परेशानी होती है।
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हैंडपंप ठीक हालत में नहीं, होती परेशानी
विकास भवन परिसर में तमाम कार्यालय है। जिले में तमाम स्थानों से 300 से अधिक लोग प्रत्येक दिन अपने जरूरी काम को लेकर आते हैं। गर्मी उन्हें प्यास लगती है तो जेब ढीली करनी पड़ती है। परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। थोड़ी दूरी पर टोटी लगी है, लेकिन उसमें शेड्यूल के अनुसार पानी आता है। लोगों के मुताबिक विकास भवन के अंदर लगा वाटर कूलर भी काम का नहीं है। टोटी नहीं लगी है।
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एआरटीओ कार्यालय में व्यवस्था बदहाल
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रत्येक दिन 200 से अधिक लोग जरूरी काम कराने आते हैं। परिसर में लगा वाटर कूलर का मोटर खराब हो गया है। पानी नहीं निकलता है। कार्यालय में आने वाले लोगों को बाहर पानी पीने जाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से वाटर कूलर खराब है। समस्या पर अधिकारी गंभीर नहीं है। गर्मी में पेयजल की व्यवस्था बेहतर नहीं होने से परेशानी हो रही है।
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झाड़ी में छिपा है हैंडपंप, नहीं निकलता पानी
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में झाड़ियों में छिपा एक हैंडपंप दिखा। हालात देखकर लग रहा था कि लंबे समय से हैंडपंप खराब है। इस कार्यालय में भी कम से कम 50 लोग रोज जरूरी काम कराने के लिए आते होंगे। पेयजल की बदहाल व्यवस्था ठीक करने की कोशिश नहीं की गई। कार्यालय से थोड़ी ही दूरी पर पुस्तकालय है। यहां पर युवा अध्ययन करने आते हैं। हैंडपंप के चबूतरे को देखने से लग रहा था कि पानी ठीक नहीं है। क्योंकि जहां पानी गिरता है वह स्थान पीला दिख रहा था।
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फोटो
सीएमओ दफ्तर आया था तो पेड़ के नीचे रुक कर आराम किया। प्यास लगी तो हैंडपंप से पानी लिया, लेकिन पानी ठीक नहीं होने के कारण बाहर दुकान पर जाकर पानी पीना पड़ा।
ईश्वर चंद गुप्ता, मुजुरी
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विकास भवन में जरूरी कराने के लिए आया था। परिसर में पेड़ नीचे खड़ा था। गेट के पास हैंडपंप दिखा, लेकिन उसमें पानी नहीं आ रहा था। पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं है।
मनोज वर्मा, चौक बाजार
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सरकारी दफ्तरों में पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं है। अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुस्तकालय में बीते दिन गया था। यहां लगे हैंडपंप का पानी ठीक नहीं है।
अजय कुमार गौतम, परतावल
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में हैंडपंप ठीक नहीं है। पेयजल की व्यवस्था ठीक कराने के लिए अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। खरीदकर पानी पीना पड़ता है।

दब्बीर हसन, मिठौरा
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जरूरत के अनुसार सभी कार्यालयों में पेयजल का बेहतर इंतजाम है। अगर कहीं खराबी है तो जांच कराने के बाद ठीक करा दिया जाएगा। लोगों को समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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