{"_id":"65de4cc235bdd5475f079099","slug":"run-carefully-otherwise-you-will-get-plaster-on-your-foot-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-116667-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: संभलकर दौड़ना, नहीं तो पैर में लग जाएगा प्लास्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: संभलकर दौड़ना, नहीं तो पैर में लग जाएगा प्लास्टर
Wed, 28 Feb 2024 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:27 AM IST
विज्ञापन
बृजमनगंज। ग्राम सभाओं में खेल मैदान तो बना दिया गया, लेकिन सुविधाएं नहीं दी गईं। ऐसे में खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी हो रही है। हाल यह है कि मैदान भी समतल नहीं है। इससे खिलाड़ी ठीक से दौड़ भी नहीं पाते हैं। कई बार दौड़ते समय खिलाड़ियों के पैर में मोच भी आ जाती है।
क्षेत्र के ग्राम सभा फुलमनहा में खेल मैदान बदहाल है। 22 लाख 77 हजार की लागत से 2021-22 में बने मैदान में चहारदीवारी व गेट लगा है। अंदर बास्केट बाल खेलने के खंबे भी नहीं लगाए गए हैं। ऊबड़-खाबड़ मैदान केवल पशु चराने के काम आ रहा है। क्षेत्र के युवा शमशाद निवासी फुलमनहा का कहना है कि मैदान में न तो बैठने की व्यवस्था है न तो जमीन ही समतल है। राजेंद्र वर्मा निवासी फुलवरिया का कहना है कि जब खेल का मैदान बना तो हमें बहुत उम्मीद जगी की बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन यह तो सिर्फ नाम का खेल मैदान है।
क्रिकेट खेलने वाले कक्षा बारह के छात्र मो कैफ का कहना कि केवल मैदान बनने से कुछ नहीं होता है। खेलने के लिए खेल के समान की जरूरत होती है जो उपलब्ध नहीं है। मुरादपुर के रहने वाले सचिन चौरसिया का कहना कि यहां बैडमिंटन और बास्केटबाल खेलने के लिए कोर्ट ही नहीं बना है।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी सच्चिदानंद शुक्ल का कहना है कि खेल के मैदान में सभी सुविधाओं का होना जरूरी है। साथ ही खेल का सामान भी खरीदने का निर्देश है। अगर कहीं यह उपलब्ध नहीं है तो संबंधित जिम्मेदार को समस्या का समाधान कराने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम सभा फुलमनहा में खेल मैदान बदहाल है। 22 लाख 77 हजार की लागत से 2021-22 में बने मैदान में चहारदीवारी व गेट लगा है। अंदर बास्केट बाल खेलने के खंबे भी नहीं लगाए गए हैं। ऊबड़-खाबड़ मैदान केवल पशु चराने के काम आ रहा है। क्षेत्र के युवा शमशाद निवासी फुलमनहा का कहना है कि मैदान में न तो बैठने की व्यवस्था है न तो जमीन ही समतल है। राजेंद्र वर्मा निवासी फुलवरिया का कहना है कि जब खेल का मैदान बना तो हमें बहुत उम्मीद जगी की बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन यह तो सिर्फ नाम का खेल मैदान है।
विज्ञापन
क्रिकेट खेलने वाले कक्षा बारह के छात्र मो कैफ का कहना कि केवल मैदान बनने से कुछ नहीं होता है। खेलने के लिए खेल के समान की जरूरत होती है जो उपलब्ध नहीं है। मुरादपुर के रहने वाले सचिन चौरसिया का कहना कि यहां बैडमिंटन और बास्केटबाल खेलने के लिए कोर्ट ही नहीं बना है।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी सच्चिदानंद शुक्ल का कहना है कि खेल के मैदान में सभी सुविधाओं का होना जरूरी है। साथ ही खेल का सामान भी खरीदने का निर्देश है। अगर कहीं यह उपलब्ध नहीं है तो संबंधित जिम्मेदार को समस्या का समाधान कराने के लिए निर्देशित किया जाएगा।