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नेपाल में प्रवेश के लिए आरटीपीसीआर जांच जरूरी
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नेपाल में प्रवेश के लिए आरटीपीसीआर जांच जरूरी
नेपाल से आने वालों नाम-पता दर्ज कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि के बाद वहां की सरकार ने नेपाल में प्रवेश पर सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार की दोपहर नेपाल प्रशासन ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट की मांग करते हुए भारतीय पर्यटकों के छह बसें सीमा से लौटा दिया था। इसके बाद भारतीय बसों का नेपाल आना कम हो गया है। अब नेपाल प्रशासन ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है।
नेपाल में आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता के बाद भारतीय क्षेत्र में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट बनवाने वाले बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेकर दस मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है। रविवार दोपहर को सोनौली सीमा पर नेपाल जाने के लिए भटक रहे दिल्ली के राजन, प्रीतम सिंह ने बताया कि सुबह से आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए परेशान हैं।
रूपनदेही जिले के सहायक मुख्य जिलाधिकारी विश्वराज मरासिनी ने बताया कि जिले की सीमावर्ती क्षेत्र में कोविड-19 के नए स्वरूप को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पर नेपाल प्रवेश की सूचना नहीं है। यदि केस सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी। सोनौली के चौकी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट तैयार कराने वालों का पता लगाया जा रहा है।
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नेपाल से आने वालों नाम-पता दर्ज कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि के बाद वहां की सरकार ने नेपाल में प्रवेश पर सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार की दोपहर नेपाल प्रशासन ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट की मांग करते हुए भारतीय पर्यटकों के छह बसें सीमा से लौटा दिया था। इसके बाद भारतीय बसों का नेपाल आना कम हो गया है। अब नेपाल प्रशासन ने आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है।
नेपाल में आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता के बाद भारतीय क्षेत्र में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट बनवाने वाले बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेकर दस मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है। रविवार दोपहर को सोनौली सीमा पर नेपाल जाने के लिए भटक रहे दिल्ली के राजन, प्रीतम सिंह ने बताया कि सुबह से आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए परेशान हैं।
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रूपनदेही जिले के सहायक मुख्य जिलाधिकारी विश्वराज मरासिनी ने बताया कि जिले की सीमावर्ती क्षेत्र में कोविड-19 के नए स्वरूप को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पर नेपाल प्रवेश की सूचना नहीं है। यदि केस सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी। सोनौली के चौकी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट तैयार कराने वालों का पता लगाया जा रहा है।
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