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Maharajganj News: शास्त्री नगर में लूट घटना निकली फर्जी, मनगढंत कहानी में उलझी रही पुलिस
Sat, 25 May 2024 04:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 25 May 2024 04:51 AM IST
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महराजगंज। शहर के शास्त्री नगर वार्ड में छह मई को दिनदहाड़े सुबह आठ बजे लूट की घटना ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़ा कर दिया था। इसे लेकर पुलिस अब तक उलझी रही। कई चरणों की जांच में मामला फर्जी निकला। अंदरूनी पारिवारिक मामला होने के कारण पुलिस की ओर से बताया नहीं गया, लेकिन सत्यता मालूम होने पर मामले में बंद कर दिया गया। पुलिस की जांच में लूट की घटना फर्जी निकली।
जानकारी के अनुसार बीते छह मई को शास्त्री नगर में लूट की घटना की जानकारी होने पर मोहल्ले के दहशत में आ गई। मामले में शुरूआत में पुलिस ने जांच करनी शुरू की तो मामले में संदेह होने लगा। बाथरूम का दरवाजा तोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन जांच में पता चला की अंदर से दरवाजे को तोड़कर बाहर आना संभव नहीं थी। इसी शक के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ी तो कलई खुल गई। पुलिस की ओर से सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। संदेह होने पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई। यह सब कुछ करने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं आ पा रही थी, ऐसे में पीड़ित से गहन पूछताछ हुई तो पूरी कहानी सामने आ गई। मामला फर्जी निकला। पीड़ित की ओर से शुरूआत में भी केस दर्ज नहीं कराया जा रहा था। उनकी ओर से कहा गया था कि इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं करानी है। ऐसे में पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि मामले को स्पंज कर दिया गया है। घटना पूरी तरह से फर्जी थी। इसकी गहन जांच पड़ताल की गई थी।
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जानकारी के अनुसार बीते छह मई को शास्त्री नगर में लूट की घटना की जानकारी होने पर मोहल्ले के दहशत में आ गई। मामले में शुरूआत में पुलिस ने जांच करनी शुरू की तो मामले में संदेह होने लगा। बाथरूम का दरवाजा तोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन जांच में पता चला की अंदर से दरवाजे को तोड़कर बाहर आना संभव नहीं थी। इसी शक के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ी तो कलई खुल गई। पुलिस की ओर से सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। संदेह होने पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई। यह सब कुछ करने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं आ पा रही थी, ऐसे में पीड़ित से गहन पूछताछ हुई तो पूरी कहानी सामने आ गई। मामला फर्जी निकला। पीड़ित की ओर से शुरूआत में भी केस दर्ज नहीं कराया जा रहा था। उनकी ओर से कहा गया था कि इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं करानी है। ऐसे में पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा।
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पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि मामले को स्पंज कर दिया गया है। घटना पूरी तरह से फर्जी थी। इसकी गहन जांच पड़ताल की गई थी।