{"_id":"62ae31a2f4277f24772bfecd","slug":"responcibilites-on-suprvision-maharajganj-news-gkp4408015172","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यवेक्षण की मिली जिम्मेदारी, शिथिलता पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यवेक्षण की मिली जिम्मेदारी, शिथिलता पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
पर्यवेक्षण की मिली जिम्मेदारी, शिथिलता पर होगी कार्रवाई
महराजगंज। जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों का पर्यवेक्षण करने व वस्तुस्थिति को प्रेरणा एप पर अपलोड किए जाने की दिशा में एआरपी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी तक की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। यह भी कहा गया है कि यदि समय से पर्यवेक्षण कार्य नहीं हुआ तथा उसमें शिथिलता पाई गई तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
जिले में संचालित होने वाले सभी 1695 परिषदीय विद्यालय 16 जून से प्रारंभ हो चुके हैं। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की ओर से स्कूलों में गतिविधियों को नियमित रुप से संचालित करने व किए जा रहे शिक्षण कार्यों के पर्यवेक्षण पर अधिक जोर दिया जा रहा है। प्रेरणा एप के माध्यम से प्रत्येक माह एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, राज्य संदर्भदाता समूह, सभी जिला समन्वयक व खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से पर्यवेक्षण करते हुए विद्यालय की वस्तुस्थिति के साथ ही सभी जानकारियों को देना होगा।
20-20 विद्यालयों के पर्यवेक्षण का है लक्ष्य
जिले में कार्यरत सभी एआरपी, राज्य संदजर्भदाता समूूह के सदस्य, जिला समन्वयक को 20-20 विद्यालयों तथा खंड शिक्षा अधिकारी को 40 विद्यालयों को जांचने का लक्ष्य निर्धारित है।
विज्ञापन
वर्जन
बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार समय से विद्यालयों का पर्यवेक्षण करते हुए उसके विवरण को प्रेरणा एप पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-रवींद्र सिंह, प्रभारी बीएसए
विज्ञापन
महराजगंज। जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों का पर्यवेक्षण करने व वस्तुस्थिति को प्रेरणा एप पर अपलोड किए जाने की दिशा में एआरपी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी तक की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। यह भी कहा गया है कि यदि समय से पर्यवेक्षण कार्य नहीं हुआ तथा उसमें शिथिलता पाई गई तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
जिले में संचालित होने वाले सभी 1695 परिषदीय विद्यालय 16 जून से प्रारंभ हो चुके हैं। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की ओर से स्कूलों में गतिविधियों को नियमित रुप से संचालित करने व किए जा रहे शिक्षण कार्यों के पर्यवेक्षण पर अधिक जोर दिया जा रहा है। प्रेरणा एप के माध्यम से प्रत्येक माह एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, राज्य संदर्भदाता समूह, सभी जिला समन्वयक व खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से पर्यवेक्षण करते हुए विद्यालय की वस्तुस्थिति के साथ ही सभी जानकारियों को देना होगा।
विज्ञापन
20-20 विद्यालयों के पर्यवेक्षण का है लक्ष्य
जिले में कार्यरत सभी एआरपी, राज्य संदजर्भदाता समूूह के सदस्य, जिला समन्वयक को 20-20 विद्यालयों तथा खंड शिक्षा अधिकारी को 40 विद्यालयों को जांचने का लक्ष्य निर्धारित है।
विज्ञापन
वर्जन
बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार समय से विद्यालयों का पर्यवेक्षण करते हुए उसके विवरण को प्रेरणा एप पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-रवींद्र सिंह, प्रभारी बीएसए