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Maharajganj News: पंजीकरण सिर्फ 24 का, चल रहे 300 कोचिंग सेंटर
Thu, 09 May 2024 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 09 May 2024 02:18 AM IST
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-जांच के लिए बनी है टीम, अभी तक कहीं से नहीं मिली आख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में 24 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, जबकि 300 से अधिक संचालित हो रहे हैं। इनकी जांच के लिए 19 अप्रैल को टीम बनाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक कहीं से आख्या नहीं मिली है। साथ ही टीम जिले में संचालित 278 माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की भी जांच कर रही है।
कोचिंग सेंटरों में बच्चों के लिए क्या सुविधा है और कितनी फीस ली जाती है इसे बताने वाला कोई नहीं है। विषय और घंटे के हिसाब से न सिर्फ बच्चों से फीस ली जाती है, बल्कि ऑनलाइन कक्षाओं के लिए भी 100 रुपये प्रति घंटे की दर से चार्ज वसूला जाता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में शिक्षकों की कमी कोचिंग चलाने वालों की आय में बढ़ोत्तरी करने के लिए मुफीद है।
अधिकतर कोचिंग सेंटर दो कमरों के मकान में चल रहे हैं। यहां न तो शौचालय की व्यवस्था है और न शुद्ध पेयजल की। मुख्यालय पर ही 100 की संख्या में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं जहां पहली कक्षा से लेकर 12 वीं के विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है, लेकिन हैरत की बात कि सिर्फ 24 सेंटर ही पंजीकृत हैं। बाकी सेंटर कैसे और किस आधार पर चल रहे हैं यह बताने वाला कोई नहीं है।
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अमान्य स्कूलों और बिना पंजीयन चल रहे कोचिंग सेंटर के लिए ब्लाॅकवार टीम बनाई गई है। टीम ने बिना मान्यता के नौ स्कूल विभिन्न स्थानों पर बंद कराया है। कोचिंग सेंटर की पड़ताल कर रिपोर्ट देने के लिए टीम को निर्देशित किया गया है।
-अमरनाथ राय, जिला विद्यालय निरीक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में 24 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, जबकि 300 से अधिक संचालित हो रहे हैं। इनकी जांच के लिए 19 अप्रैल को टीम बनाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक कहीं से आख्या नहीं मिली है। साथ ही टीम जिले में संचालित 278 माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की भी जांच कर रही है।
कोचिंग सेंटरों में बच्चों के लिए क्या सुविधा है और कितनी फीस ली जाती है इसे बताने वाला कोई नहीं है। विषय और घंटे के हिसाब से न सिर्फ बच्चों से फीस ली जाती है, बल्कि ऑनलाइन कक्षाओं के लिए भी 100 रुपये प्रति घंटे की दर से चार्ज वसूला जाता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में शिक्षकों की कमी कोचिंग चलाने वालों की आय में बढ़ोत्तरी करने के लिए मुफीद है।
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अधिकतर कोचिंग सेंटर दो कमरों के मकान में चल रहे हैं। यहां न तो शौचालय की व्यवस्था है और न शुद्ध पेयजल की। मुख्यालय पर ही 100 की संख्या में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं जहां पहली कक्षा से लेकर 12 वीं के विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है, लेकिन हैरत की बात कि सिर्फ 24 सेंटर ही पंजीकृत हैं। बाकी सेंटर कैसे और किस आधार पर चल रहे हैं यह बताने वाला कोई नहीं है।
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अमान्य स्कूलों और बिना पंजीयन चल रहे कोचिंग सेंटर के लिए ब्लाॅकवार टीम बनाई गई है। टीम ने बिना मान्यता के नौ स्कूल विभिन्न स्थानों पर बंद कराया है। कोचिंग सेंटर की पड़ताल कर रिपोर्ट देने के लिए टीम को निर्देशित किया गया है।
-अमरनाथ राय, जिला विद्यालय निरीक्षक