{"_id":"6872a8f7c9531b9ffa0ffbd4","slug":"reconstruction-of-the-bridge-on-the-northern-narayani-branchtraffic-will-become-easier-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-154397-2025-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: उत्तरी नारायणी शाखा पर पुल का पुनर्निर्माण...सुगम होगा आवागमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: उत्तरी नारायणी शाखा पर पुल का पुनर्निर्माण...सुगम होगा आवागमन
Sat, 12 Jul 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तरी नारायणी शाखा पर दुर्गवलिया फाल और गेरमा चौराहे के पास जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनेगा। दोनों पुलों का पुनर्निर्माण होने से करीब दो लाख की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। इस पर कुल तीन करोड़ 72 लाख रुपये खर्च होंगे।
जानकारी के अनुसार, नारायणी शाखा पर किलोमीटर 12.500 पर स्थित दुर्गवलिया फाल के पास बना पुल पिछले चार साल से क्षतिग्रस्त हालत में है। यह पुल निचलौल, तहसील और ठूठीबारी को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह कुशीनगर जिले को भी जोड़ता है।
क्षेत्र के कटहरी, जहदा, बलईखोर, नेपनिया, पैकौली, भारत खंड, पकड़ी, महदा, कैमरा, कैमी और रामपुरवा आदि के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ग्रामीण जयप्रकाश, संजय शर्मा, इस्तेखार अली और धर्मेंद्र ने बताया कि पुल की जर्जर हालत के कारण आवागमन में परेशानी होती है। बड़े वाहनों के गुजरने से पुल पर कंपन होता है।
विज्ञापन
नारायणी शाखा के किलोमीटर 18.100 पर गेरमा चौराहे के पास पुल पिछले पांच साल से क्षतिग्रस्त हालत में है। इस पुल की रेलिंग टूट चुकी है। इसके कारण वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खतरा बना रहता है। यह पुल जिला मुख्यालय को जोड़ता है और रुद्रापुर, जंगल टोला, शितलापुर, पकड़ी चौबे, हेवती, कारीडीहा, करमही, बेलभरिया और चिउटहा सहित लगभग 90 गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है।
ग्रामीण अखिलेश, नागेंद्र, राजेश और बबलू ने बताया कि हर समय यह आशंका बनी रहती है कि कहीं पुल धंस न जाए। पुल के पुनर्निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार 15 अक्तूबर के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, नारायणी शाखा पर किलोमीटर 12.500 पर स्थित दुर्गवलिया फाल के पास बना पुल पिछले चार साल से क्षतिग्रस्त हालत में है। यह पुल निचलौल, तहसील और ठूठीबारी को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह कुशीनगर जिले को भी जोड़ता है।
विज्ञापन
क्षेत्र के कटहरी, जहदा, बलईखोर, नेपनिया, पैकौली, भारत खंड, पकड़ी, महदा, कैमरा, कैमी और रामपुरवा आदि के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ग्रामीण जयप्रकाश, संजय शर्मा, इस्तेखार अली और धर्मेंद्र ने बताया कि पुल की जर्जर हालत के कारण आवागमन में परेशानी होती है। बड़े वाहनों के गुजरने से पुल पर कंपन होता है।
विज्ञापन
नारायणी शाखा के किलोमीटर 18.100 पर गेरमा चौराहे के पास पुल पिछले पांच साल से क्षतिग्रस्त हालत में है। इस पुल की रेलिंग टूट चुकी है। इसके कारण वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खतरा बना रहता है। यह पुल जिला मुख्यालय को जोड़ता है और रुद्रापुर, जंगल टोला, शितलापुर, पकड़ी चौबे, हेवती, कारीडीहा, करमही, बेलभरिया और चिउटहा सहित लगभग 90 गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है।
ग्रामीण अखिलेश, नागेंद्र, राजेश और बबलू ने बताया कि हर समय यह आशंका बनी रहती है कि कहीं पुल धंस न जाए। पुल के पुनर्निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार 15 अक्तूबर के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।