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Maharajganj News: महिला अस्पताल में आग लगने पर बचाव का मिला प्रशिक्षण
Sat, 13 Jul 2024 04:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 13 Jul 2024 04:55 AM IST
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महराजगंज। जिला महिला अस्पताल में अब आग का धुआं निकलते ही अपने आप फायर फाइटिंग सिस्टम का सायरन बजने लगेगा। इससे कर्मचारी अलर्ट हो जाएंगे। फौरन आग बुझाने के राहत बचाव कार्य में जुट जाएंगे। शुक्रवार को फायर फाइटिंग के विशेषज्ञों ने जिला महिला अस्पताल के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आवश्यक जानकारी दी।
जिला महिला अस्पताल में फायर फाइटिंग के लिए हाईटेक उपकरण लगे हैं। पांच मंजिला वाले जिला महिला अस्पताल में फायर फाइटिंग के लिए सेंट्रल कक्ष बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर बने सेंट्रल कक्ष से पांचों तल पर लगे फायर फाइटिंग को चलाया जा सकता है। शुक्रवार को टेक्नीशियन ने सेंट्रल कक्ष को अपडेट कर कर्मचारियों को फायर फाइटिंग चलाने की जानकारी दी।
टेक्नीशियन ने सेंसर के पास अगरबत्ती जलाया। धुआं जैसे ही सेंसर के पास पहुंचा संबंधित जगह के सायरन बजने लगे। इतना ही नहीं सेंट्रल कक्ष से अस्पताल के पांचों तल पर अलर्ट किया जा सकता है। इसके लिए सेंसर से जुड़े माइक लगे हैं। टेक्नीशियन ने बताया कि आग लगने सेंसर के सायरन बजने के साथ ही फायर फाइटिंग के लिए लगे उपकरण सक्रिय हो जाएंगे। टेंपरेचर बढ़ते ही उपकरण टूटकर फब्बारे की तरह वर्षा करने लगेंगे। इससे आग को तत्काल कंट्रोल किया जा सकता है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एपी भार्गव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एवी त्रिपाठी और हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अंबर इस्लाम हक सहित कई पैरामेडिकल कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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जिला महिला अस्पताल में फायर फाइटिंग के लिए हाईटेक उपकरण लगे हैं। पांच मंजिला वाले जिला महिला अस्पताल में फायर फाइटिंग के लिए सेंट्रल कक्ष बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर बने सेंट्रल कक्ष से पांचों तल पर लगे फायर फाइटिंग को चलाया जा सकता है। शुक्रवार को टेक्नीशियन ने सेंट्रल कक्ष को अपडेट कर कर्मचारियों को फायर फाइटिंग चलाने की जानकारी दी।
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टेक्नीशियन ने सेंसर के पास अगरबत्ती जलाया। धुआं जैसे ही सेंसर के पास पहुंचा संबंधित जगह के सायरन बजने लगे। इतना ही नहीं सेंट्रल कक्ष से अस्पताल के पांचों तल पर अलर्ट किया जा सकता है। इसके लिए सेंसर से जुड़े माइक लगे हैं। टेक्नीशियन ने बताया कि आग लगने सेंसर के सायरन बजने के साथ ही फायर फाइटिंग के लिए लगे उपकरण सक्रिय हो जाएंगे। टेंपरेचर बढ़ते ही उपकरण टूटकर फब्बारे की तरह वर्षा करने लगेंगे। इससे आग को तत्काल कंट्रोल किया जा सकता है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एपी भार्गव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एवी त्रिपाठी और हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अंबर इस्लाम हक सहित कई पैरामेडिकल कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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