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Maharajganj News: आफत की बारिश...शहर से गांव तक बढ़ीं दुश्वारियां

Sat, 20 Sep 2025 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:43 AM IST
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Rain of disaster... difficulties increased from city to village
जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगा बारिश का पानी।
महराजगंज। बृहस्पतिवार रात से हो रही तेज बारिश से शहर से लेकर गांव तक दुश्वारियां बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में जहां जलभराव हो गया है। इससे आने-जाने में परेशानी हुई। वहीं नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। महाव, प्यास, चंदन नदी खतरे के निशान पर हैं। वहीं अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
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शहर में सिविल लाइन में जलभराव को दूर करने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है। जलभराव से आने-जाने में परेशानी हुई। गांधी नगर में सड़कें कीचड़युक्त होने से फिसलन बढ़ गई थी। अग्निशमन केंद्र के सामने की सड़क पर जलभराव हो गया। जिला अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया था।
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जलभराव के मरीजों को पानी में घुसकर जाना पड़ा। मरीज धीरेंद्र जायसवाल ने बताया कि बारिश के दौरान अक्सर ऐसी समस्या होती है। जिला अस्पताल में नालियों की सफाई को लेकर गंभीरता नहीं बरती जाती है। वहीं दूसरी ओर से नेपाल सीमा से सटे लक्ष्मीपुर खुर्द में शुक्रवार को भी जलभराव की समस्या से लोग परेशान रहे। गांव के रामकेश ने बताया कि नो मेंस लैंड की ओर से तटबंध नहीं होने से पानी गांव की ओर आ जाता है। नेपाल में पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है। फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से धानी क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। बारिश से राप्ती नदी के किनारे स्थित बेलसर, चौका, घीवपीड़, धानी गांव और धानी बाजार के लोगों को बाढ़ का भय बना हुआ है। क्षेत्र के सत्ते ओझा, सुरेश अग्रहरि, राजू अग्रहरि, बबलू राईनी, इसरार, राम अचल सहानी ने बताया कि क्षेत्र में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। लेकिन बारिश का क्रम अगर ऐसे ही जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। लोगों का कहना है कि इसके पहले धानी क्षेत्र में साल 2000 के सितंबर माह में आई बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ था।
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