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Maharajganj News: दोपहर बाद सूख गए पंप, तेल के लिए लोग हुए परेशान
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पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।
महराजगंज। पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। लोगों में अपनी टंकी फुल कराने की होड़ मची रही। सुबह लोगों को पेट्रोल-डीजल मिला, लेकिन दोपहर बाद पंप सूख गए। बुधवार को मुख्यालय स्थित पंप पर डीजल-पेट्रोल था। दोपहर बाद ज्यादातर पर नो पेट्रोल-डीजल का नोटिस चस्पा हो गए। इसके बाद लोग यहां से निराश लौट गए। भिटौली प्रतिनिधि के अनुसार, ईंधन के लिए क्षेत्र में हाहाकार मचा है। सदर तहसील के तरकुलवा तिवारी, बरियारपुर, बभनौली आदि पेट्रोल पंपों पर बुधवार डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने से अधिकतर वाहन सवार निराश लौट गए। विगत कई दिनों से क्षेत्र में यह समस्या बनी हुई है। भिटौली एवं शिकारपुर में सीमित मात्रा में तेल की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन पेट्रोलियम पदार्थ की समाप्ति पर यह निश्चित नहीं किया जा सकता है कि पुन: इन पेट्रोल पंपों से तेल कब मिलेगा। तरकुलवा तिवारी में जिओ पेट्रोल पंप पर तेल की आपूर्ति बहाल होते ही गाड़ियों की लंबी लाइन देखी गई। जिलापूर्ति अधिकारी एपी सिंह लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
जिम्मेदारों के दावों से उलट है स्थिति नौतनवा। पेट्रोल की किल्लत को लेकर उत्पन्न हुई समस्या जस के तस ही बनी हुई है। जिम्मेदार इसका ठोस समाधान निकालने की बजाए इसे अफवाह बता रहे हैं। जबकि धरातल पर स्थिति उनके दावों के पूरी तरह उलट ही बनी हुई है।
नौतनवा कस्बे में मौजूद पंपों पर टैंकर आते ही खरीदारों की भीड़ इस कदर उमड़ रही है कि हजारों लीटर तेल महज कुछ घंटों में ही चट हो जा रहे हैं। तमाम नियम और कानून और तेल देने की सीमा निर्धारित करने के हथकंडों ने भी अब अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। यहां अधिकांश पंपों पर आए दिन तेल की किल्लत बनी हुई है। बुधवार को भी कस्बे के पंप सूखे पड़े रहे। डीजल और पेट्रोल दोनों समाप्त होने के कारण पंप पर कहीं कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आया। जिससे वहां पहुंचने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ा और पूरे दिन पंप पर सन्नाटे जैसी स्थिति बनी रही। पंप स्वामियों का कहना है कि पहले के सापेक्ष आपूर्ति घटने के साथ ही खपत भी बढ़ी है। जिसके कारण पंपों का ड्राई होना स्वाभाविक है। भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा होने के कारण नौतनवा में तमाम राज्यों के पर्यटकों और नेपाल के भी लोगों का प्रतिदिन आवागमन बना रहता है, ऐसे में यहां तेल की खपत हमेशा से ही अधिक रहती है। जिम्मेदारों को इसका संज्ञान लेकर आपूर्ति बढ़ाई जानी चाहिए, जिससे कि आमजन को परेशानी न हो और पंपों पर उन्हें किसी तरह की परेशानियों से न जूझना पड़े।
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एसडीएम नवीन प्रसाद का कहना है कि समस्या का ठोस समाधान निकल सके इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास जारी है। आमजन में जरूरत से ज्यादा तेल भंडारण करने का चलन सा चल पड़ा है। इस कारण भी समस्या बढ़ी है। लोगों को चाहिए कि वह धैर्य का परिचय दें और विशेषकर तेल की जमाखोरी करने से परहेज करें।
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जिम्मेदारों के दावों से उलट है स्थिति नौतनवा। पेट्रोल की किल्लत को लेकर उत्पन्न हुई समस्या जस के तस ही बनी हुई है। जिम्मेदार इसका ठोस समाधान निकालने की बजाए इसे अफवाह बता रहे हैं। जबकि धरातल पर स्थिति उनके दावों के पूरी तरह उलट ही बनी हुई है।
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नौतनवा कस्बे में मौजूद पंपों पर टैंकर आते ही खरीदारों की भीड़ इस कदर उमड़ रही है कि हजारों लीटर तेल महज कुछ घंटों में ही चट हो जा रहे हैं। तमाम नियम और कानून और तेल देने की सीमा निर्धारित करने के हथकंडों ने भी अब अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। यहां अधिकांश पंपों पर आए दिन तेल की किल्लत बनी हुई है। बुधवार को भी कस्बे के पंप सूखे पड़े रहे। डीजल और पेट्रोल दोनों समाप्त होने के कारण पंप पर कहीं कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आया। जिससे वहां पहुंचने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ा और पूरे दिन पंप पर सन्नाटे जैसी स्थिति बनी रही। पंप स्वामियों का कहना है कि पहले के सापेक्ष आपूर्ति घटने के साथ ही खपत भी बढ़ी है। जिसके कारण पंपों का ड्राई होना स्वाभाविक है। भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा होने के कारण नौतनवा में तमाम राज्यों के पर्यटकों और नेपाल के भी लोगों का प्रतिदिन आवागमन बना रहता है, ऐसे में यहां तेल की खपत हमेशा से ही अधिक रहती है। जिम्मेदारों को इसका संज्ञान लेकर आपूर्ति बढ़ाई जानी चाहिए, जिससे कि आमजन को परेशानी न हो और पंपों पर उन्हें किसी तरह की परेशानियों से न जूझना पड़े।
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एसडीएम नवीन प्रसाद का कहना है कि समस्या का ठोस समाधान निकल सके इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास जारी है। आमजन में जरूरत से ज्यादा तेल भंडारण करने का चलन सा चल पड़ा है। इस कारण भी समस्या बढ़ी है। लोगों को चाहिए कि वह धैर्य का परिचय दें और विशेषकर तेल की जमाखोरी करने से परहेज करें।