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बालक-बालिकाओं के संरक्षण पर तैयार करें माह भर की कार्ययोजना
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बालक-बालिकाओं के संरक्षण पर तैयार करें कार्य योजना
जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में जिम्मेदारों ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बाल-विवाह की रोकथाम तथा बालक-बालिकाओं के संरक्षण व सुरक्षा को लेकर विभिन्न विभागों के जिम्मेदार समन्वय स्थापित करते हुए माह भर की कार्ययोजना तैयार करें। किशोर से जुड़े मामले को किशोर न्याय बोर्ड तथा बालकों से जुड़े मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कदम उठाया जाए।
ये बातें जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि वन स्टाप सेंटर का निर्माण एक माह में पूरा कराया जाए, जब तक निर्माण नहीं होता तब तक जिला प्रोबेशन अधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर दो कमरों में कार्य संचालित कराएं। जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने कहा कि बालक- बालिकाओं के सुरक्षा व संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए। यूनिसेफ के मंडलीय बाल सुरक्षा सलाहकार नीरज शर्मा ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड द्वारा जुलाई से सितंबर तक 24 नए मामले दर्ज किए गए तथा 51 का निस्तारण किया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष 172 बालक-बालिकाओं को प्रस्तुत किया गया जिसमें से 15 को बालगृह में संरक्षित कराया गया जबकि 157 को उनके माता-पिता एवं संरक्षक को सुपुर्द किया गया। प्रधान मजिस्ट्रेट बलवंत भारती ने कहा कि साधारण अपराध के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर न दर्ज की जाए। अध्यक्ष श्याम सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, बीएसए ओमप्रकाश यादव, डीपीआरओ केबी वर्मा, महिला कल्याण अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे।
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जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में जिम्मेदारों ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बाल-विवाह की रोकथाम तथा बालक-बालिकाओं के संरक्षण व सुरक्षा को लेकर विभिन्न विभागों के जिम्मेदार समन्वय स्थापित करते हुए माह भर की कार्ययोजना तैयार करें। किशोर से जुड़े मामले को किशोर न्याय बोर्ड तथा बालकों से जुड़े मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कदम उठाया जाए।
ये बातें जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि वन स्टाप सेंटर का निर्माण एक माह में पूरा कराया जाए, जब तक निर्माण नहीं होता तब तक जिला प्रोबेशन अधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर दो कमरों में कार्य संचालित कराएं। जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने कहा कि बालक- बालिकाओं के सुरक्षा व संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए। यूनिसेफ के मंडलीय बाल सुरक्षा सलाहकार नीरज शर्मा ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड द्वारा जुलाई से सितंबर तक 24 नए मामले दर्ज किए गए तथा 51 का निस्तारण किया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष 172 बालक-बालिकाओं को प्रस्तुत किया गया जिसमें से 15 को बालगृह में संरक्षित कराया गया जबकि 157 को उनके माता-पिता एवं संरक्षक को सुपुर्द किया गया। प्रधान मजिस्ट्रेट बलवंत भारती ने कहा कि साधारण अपराध के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर न दर्ज की जाए। अध्यक्ष श्याम सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, बीएसए ओमप्रकाश यादव, डीपीआरओ केबी वर्मा, महिला कल्याण अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे।
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