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शिवालयों में आज फिर गूंजेगा हर-हर महादेव
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इटहिया शिव मंदिर में दर्शन करने के लिए लगी भीड़।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
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शिवालयों में आज फिर गूंजेगा हर-हर महादेव
मंदिरों में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सावन के तीसरे सोमवार पर शिवालयों में एक बार फिर हर-हर महादेव का जयकारा गूंजेगा। श्रद्धालु शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिरों में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
शिव भक्तों की भीड़ को देखते हुए ईटहिया शिव मंदिर से पहले ही अवरोधक लगा दिए गए हैं। बड़े वाहनों को पहले ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा शहर की सिंचाई कालोनी, बउरहवा बाबा मंदिर, कटहरा, बडहरामीर शिव मंदिर में भी श्रद्धालु शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे।
बताया जाता है कि सोमवार को शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालु त्रिवेणी धाम से जल लेकर ईटहिया शिव मंदिर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कटहरा शिव मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं, मंदिर परिसर के आसपास दुकानें सजी हैं। मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में सोमवार का विशेष महत्व है। इस दिन को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है।
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फोटो
घिवहां के बउरहवा बाबा की महिमा अपार
सिसवा बाजार। घुघली-सिसवा मार्ग पर कस्बे से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित घिवहां उर्फ हरपुर पकड़ी ग्राम में बउरहवा बाबा का मंदिर है। सावन मास में इस मंदिर में शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रहती है।
कहा जाता है कि भगवान शिव इसी स्थान पर बउरहवा रूप धारण किये थे। चार खंडों में बने मंदिर के एक खंड में धरती से प्रकटे बउरहवा बाबा शिवलिंग, दूसरे खंड में विष्णु-लक्ष्मी, तीसरे खंड में मां जगदंबा और 70 फुट ऊंची चौथे व आकाशीय खंड में भगवान महादेव की मूर्ति स्थापित है।
मंदिर के मुख्य पुजारी लाल बहादुर बताते हैं कि वर्षों पूर्व घी के व्यापारी घृतवाह को बउरहवा बाबा ने सपने में दर्शन दिए थे। इसके बाद घृतवाह ने घिवहां में जमीन से निकले शिवलिंग की खोज कराई और मंदिर बनवाया। इसके बाद घृतवाह को पुत्र के रूप में संतान की प्राप्ति हुई। इस मंदिर में प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में हजारों की संख्या में लोग बाबा का जलाभिषेक करते हैं। संवाद
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मंदिरों में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सावन के तीसरे सोमवार पर शिवालयों में एक बार फिर हर-हर महादेव का जयकारा गूंजेगा। श्रद्धालु शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिरों में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
शिव भक्तों की भीड़ को देखते हुए ईटहिया शिव मंदिर से पहले ही अवरोधक लगा दिए गए हैं। बड़े वाहनों को पहले ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा शहर की सिंचाई कालोनी, बउरहवा बाबा मंदिर, कटहरा, बडहरामीर शिव मंदिर में भी श्रद्धालु शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे।
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बताया जाता है कि सोमवार को शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालु त्रिवेणी धाम से जल लेकर ईटहिया शिव मंदिर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कटहरा शिव मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं, मंदिर परिसर के आसपास दुकानें सजी हैं। मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में सोमवार का विशेष महत्व है। इस दिन को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है।
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घिवहां के बउरहवा बाबा की महिमा अपार
सिसवा बाजार। घुघली-सिसवा मार्ग पर कस्बे से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित घिवहां उर्फ हरपुर पकड़ी ग्राम में बउरहवा बाबा का मंदिर है। सावन मास में इस मंदिर में शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रहती है।
कहा जाता है कि भगवान शिव इसी स्थान पर बउरहवा रूप धारण किये थे। चार खंडों में बने मंदिर के एक खंड में धरती से प्रकटे बउरहवा बाबा शिवलिंग, दूसरे खंड में विष्णु-लक्ष्मी, तीसरे खंड में मां जगदंबा और 70 फुट ऊंची चौथे व आकाशीय खंड में भगवान महादेव की मूर्ति स्थापित है।
मंदिर के मुख्य पुजारी लाल बहादुर बताते हैं कि वर्षों पूर्व घी के व्यापारी घृतवाह को बउरहवा बाबा ने सपने में दर्शन दिए थे। इसके बाद घृतवाह ने घिवहां में जमीन से निकले शिवलिंग की खोज कराई और मंदिर बनवाया। इसके बाद घृतवाह को पुत्र के रूप में संतान की प्राप्ति हुई। इस मंदिर में प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में हजारों की संख्या में लोग बाबा का जलाभिषेक करते हैं। संवाद