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Maharajganj News: उपभोक्ताओं की सहमति से ही लगाए जाएं प्रीपेड बिजली मीटर
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प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर व्यापार मंडल ने सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर की वजह से उपभोक्ताओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्याओं के समाधान की मांग की।
जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रीपेड मीटर लगने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। विभागीय सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है। भुगतान करने के बावजूद उपभोक्ताओं का रिचार्ज अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा पुराने सिक्योरिटी जमा की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं और न ही संबंधित एप सही तरीके से डाउनलोड हो रहा है। कई मामलों में सीलिंग सर्टिफिकेट भी पोर्टल पर अपलोड नहीं है, इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। मांग पत्र में प्रीपेड मीटर को अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय उपभोक्ता की सहमति पर लगाने, मीटर के संचालन की जानकारी देने, पांच साल की गारंटी उपलब्ध कराने तथा स्वतंत्र जांच लैब स्थापित करने की मांग की गई। साथ ही, नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा मनमानी रिकवरी पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
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भुगतान होते ही तुरंत अपडेट हो और डिस्कनेक्ट कनेक्शन को शीघ्र बहाल किया जाए। इस दौरान दीपक जायसवाल, दुर्गेश कुमार, अशोक टिबड़ेवाल, सुधीर अग्रहरी, कमलेश, मनोज और अनिल सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
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महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर की वजह से उपभोक्ताओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्याओं के समाधान की मांग की।
जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रीपेड मीटर लगने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। विभागीय सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है। भुगतान करने के बावजूद उपभोक्ताओं का रिचार्ज अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा पुराने सिक्योरिटी जमा की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है।
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व्यापारियों ने यह भी कहा कि मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं और न ही संबंधित एप सही तरीके से डाउनलोड हो रहा है। कई मामलों में सीलिंग सर्टिफिकेट भी पोर्टल पर अपलोड नहीं है, इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। मांग पत्र में प्रीपेड मीटर को अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय उपभोक्ता की सहमति पर लगाने, मीटर के संचालन की जानकारी देने, पांच साल की गारंटी उपलब्ध कराने तथा स्वतंत्र जांच लैब स्थापित करने की मांग की गई। साथ ही, नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा मनमानी रिकवरी पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
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भुगतान होते ही तुरंत अपडेट हो और डिस्कनेक्ट कनेक्शन को शीघ्र बहाल किया जाए। इस दौरान दीपक जायसवाल, दुर्गेश कुमार, अशोक टिबड़ेवाल, सुधीर अग्रहरी, कमलेश, मनोज और अनिल सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।