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घर आ रहे प्रवासी श्रमिक की इटारसी में मौत, मचा कोहराम
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घर आ रहे प्रवासी श्रमिक की इटारसी में मौत, मचा कोहराम
लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पैसिया ललाईन निवासी प्रवासी श्रमिक का चेन्नई से घर आते समय इटारसी में मौत हो गई। साथियों ने मृत युवक का शव प्राइवेट वाहन से लेकर शनिवार को उसके घर पैसिया ललाईन पहुंचा। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। वहीं परिवार की गरीबी की मार के चलते शव लाने वाले वाहन का किराया ग्रामीणों को चंदा लगाकर एकत्र कर भुगतान करना पड़ा।
पैसिया ललाईन निवासी बेलास ने बताया कि उसका छोटा भाई मंतोष (28) रोजगार की तलाश में करीब 11 माह पहले चेन्नई गया था जो चेन्नई के शंकरगढ़ में गैस स्क्रिप का कार्य करता था। पूरे देश में लाकडाउन के कारण 27 मई को वह घर आ रहा था। ट्रेन अभी इटारसी जंक्शन पर पहुंची थी। तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। गोरखपुर जिले के नौसढ़ व सहजनवां के उसके साथियों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसके साथियों ने प्राइवेट वाहन से मृतक का शव लेकर शनिवार को उसके घर पैसिया ललाईन पहुंचा। शव पहुंचते ही लोगों में कोहराम मच गया। वहीं, गरीबी की मार के चलते वाहन का किराया देने में परिवार की लाचारी देख ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर वाहन का किराया भुगतान किया। थानाध्यक्ष पुरंदरपुर शाह मुहम्मद ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मृतक के बड़े भाई बेलास द्वारा उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पैसिया ललाईन निवासी प्रवासी श्रमिक का चेन्नई से घर आते समय इटारसी में मौत हो गई। साथियों ने मृत युवक का शव प्राइवेट वाहन से लेकर शनिवार को उसके घर पैसिया ललाईन पहुंचा। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। वहीं परिवार की गरीबी की मार के चलते शव लाने वाले वाहन का किराया ग्रामीणों को चंदा लगाकर एकत्र कर भुगतान करना पड़ा।
पैसिया ललाईन निवासी बेलास ने बताया कि उसका छोटा भाई मंतोष (28) रोजगार की तलाश में करीब 11 माह पहले चेन्नई गया था जो चेन्नई के शंकरगढ़ में गैस स्क्रिप का कार्य करता था। पूरे देश में लाकडाउन के कारण 27 मई को वह घर आ रहा था। ट्रेन अभी इटारसी जंक्शन पर पहुंची थी। तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। गोरखपुर जिले के नौसढ़ व सहजनवां के उसके साथियों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसके साथियों ने प्राइवेट वाहन से मृतक का शव लेकर शनिवार को उसके घर पैसिया ललाईन पहुंचा। शव पहुंचते ही लोगों में कोहराम मच गया। वहीं, गरीबी की मार के चलते वाहन का किराया देने में परिवार की लाचारी देख ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर वाहन का किराया भुगतान किया। थानाध्यक्ष पुरंदरपुर शाह मुहम्मद ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मृतक के बड़े भाई बेलास द्वारा उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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