{"_id":"68e427c7c856c7ef340c2cf5","slug":"potters-wheels-started-spinning-making-of-karwa-and-lamps-increased-maharajganj-news-c-206-1-go11002-161196-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नाच उठी कुम्हारों की चाक, करवा व दीप निर्माण तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नाच उठी कुम्हारों की चाक, करवा व दीप निर्माण तेज
विज्ञापन
महराजगंज। प्रकाश पर्व दीपावली के दिन निकट आता देख कुम्हारों की चाक इन दिनों देर शाम तक नाच रही है। मिट्टी के करवा से लेकर मिट्टी के दीप तैयार करने का काम तेज हुआ है। नगर पालिका परिषद महराजगंज के चिउरहां व मऊपाकड़ में तमाम कुम्हार परिवार ऐसे हैं जो सिर्फ दुर्गा व लक्ष्मी महोत्सव, करवा चौथ व दीपावली के दौरान ही मिट्टी के दीपक और बर्तन तैयार करते हैं। इसी बिक्री के सहारे पूरे साल उनका परिवार रहता है। बिस्मिल नगर वार्ड में ऐसे परिवार भी हैं जो आर्डर पर कुल्हड़, लस्सी गिलास इत्यादि भी बनाते हैं। बर्तन बनाने वाले राम प्रवेश ने बताया इन दिनों
करवा और दीये बनाने में उनका पूरा परिवार लगा है। हरिओम ने बताया मिट्टी के दीये, करवा, घंटी, कलश, खिलौने समेत अन्य सामान बनाए जा रहे हैं। दीपावली से उम्मीद तो अधिक है, लेकिन हमारी समस्या भी बहुत हैं। मिट्टी अब बहुत मुश्किल से मिल पाती है। साथ ही साथ बर्तन पकाने की जगह आबादी से दूर बनाना पड़ता है जिससे नगरीय क्षेत्र में प्रदूषण न फैलने पाए। इन तमाम कठिनाइयों से जूझ कर हम मिट्टी के दीप व अन्य बर्तन इत्यादि उपलब्ध करा पाते हैं। पिछली बार 30 हजार के आसपास कमाई हुई थी, इसबार अधिक की उम्मीद है।
कुम्हारों को विभाग से सभी सहूलियत उपलब्ध कराई जाती है जिसमें इलेक्ट्रिक चाक, प्रदूषण रहित मिट्टी बर्तन पकाने की यूनिट पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। मिट्टी प्रचुर मात्रा में मिल सके इसके लिए शासन मई व जून में क्षेत्र के जलाशयों की सफाई व उपयोग लायक मिट्टी प्राप्त करने की सहूलियत उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इससे जल संचयन के लिए बारिश से पहले तालाब न सिर्फ योग्य बनेंगे, बल्कि कुम्हारों के मिट्टी का बंदोबस्त भी हो सकेगा।
विज्ञापन
रामचंद्र प्रसाद, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी।
विज्ञापन
करवा और दीये बनाने में उनका पूरा परिवार लगा है। हरिओम ने बताया मिट्टी के दीये, करवा, घंटी, कलश, खिलौने समेत अन्य सामान बनाए जा रहे हैं। दीपावली से उम्मीद तो अधिक है, लेकिन हमारी समस्या भी बहुत हैं। मिट्टी अब बहुत मुश्किल से मिल पाती है। साथ ही साथ बर्तन पकाने की जगह आबादी से दूर बनाना पड़ता है जिससे नगरीय क्षेत्र में प्रदूषण न फैलने पाए। इन तमाम कठिनाइयों से जूझ कर हम मिट्टी के दीप व अन्य बर्तन इत्यादि उपलब्ध करा पाते हैं। पिछली बार 30 हजार के आसपास कमाई हुई थी, इसबार अधिक की उम्मीद है।
विज्ञापन
कुम्हारों को विभाग से सभी सहूलियत उपलब्ध कराई जाती है जिसमें इलेक्ट्रिक चाक, प्रदूषण रहित मिट्टी बर्तन पकाने की यूनिट पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। मिट्टी प्रचुर मात्रा में मिल सके इसके लिए शासन मई व जून में क्षेत्र के जलाशयों की सफाई व उपयोग लायक मिट्टी प्राप्त करने की सहूलियत उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इससे जल संचयन के लिए बारिश से पहले तालाब न सिर्फ योग्य बनेंगे, बल्कि कुम्हारों के मिट्टी का बंदोबस्त भी हो सकेगा।
विज्ञापन
रामचंद्र प्रसाद, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी।