{"_id":"5a3c02a34f1c1b0d698c37bd","slug":"post-doctor-in-jail-dj","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला जेल में स्थायी डाक्टर तैनात करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला जेल में स्थायी डाक्टर तैनात करें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
जिला जेल का निरीक्षण कर बाहर आते जिला जज हसनैन कुरैशी व डीएम वीरेन्द्र कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। गुरुवार को जनपद न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, डीएम वीके सिंह और एसपी आरपी सिंह ने जिला जेल का निरीक्षण किया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जिला जेल में कुल 821 बंदियाें में 86 महिलाएं और 29 अल्पसंख्यक बंदी हैं।
उन्होंने जनपद न्यायाधीश को बताया कि जिला जेल में स्थायी रूप से चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से बंदियों के उपचार में कभी परेशानी हो रही है। जनपद न्यायाधीश ने असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम को निर्देश दिया कि तत्काल स्थाई रूप से डाक्टर की तैनाती करना सुनिश्चित करावें।
निरीक्षण के दौरान बंदियो को नि:शुल्क विधिक जानकारी दी गई। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि जिस किसी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है या प्राइवेट अधिवक्ता रखने में असमर्थ है। उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जायेगा।
विज्ञापन
इसके लिए जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सर्वजीत कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम किशोर, जेलर आरके सिंह, डिप्टी जेलर पीके सिंह, कमल नयन आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की चतुर्थ त्रैमासिक बैठक जिला जेल में हुई। इसमें जेल अधीक्षक की ओर से बंदियों की सूची प्रस्तुत की गई।
विज्ञापन
उन्होंने जनपद न्यायाधीश को बताया कि जिला जेल में स्थायी रूप से चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से बंदियों के उपचार में कभी परेशानी हो रही है। जनपद न्यायाधीश ने असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम को निर्देश दिया कि तत्काल स्थाई रूप से डाक्टर की तैनाती करना सुनिश्चित करावें।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान बंदियो को नि:शुल्क विधिक जानकारी दी गई। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि जिस किसी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है या प्राइवेट अधिवक्ता रखने में असमर्थ है। उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जायेगा।
विज्ञापन
इसके लिए जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सर्वजीत कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम किशोर, जेलर आरके सिंह, डिप्टी जेलर पीके सिंह, कमल नयन आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की चतुर्थ त्रैमासिक बैठक जिला जेल में हुई। इसमें जेल अधीक्षक की ओर से बंदियों की सूची प्रस्तुत की गई।