फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Police heaves a sigh of relief after 10 days of Raza's arrest

Maharajganj News: रजा की गिरफ्तारी से 10 दिन बाद पुलिस ने ली राहत की सांस

Sun, 17 Sep 2023 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 17 Sep 2023 02:17 AM IST
विज्ञापन
Police heaves a sigh of relief after 10 days of Raza's arrest
आरोपी भाजपा नेता राही मासूम रजा के घर से सामान निकल कर रूम खाली करते किरायेदार।
महराजगंज। छेड़छाड़, दुष्कर्म और हत्या के आरोपों से घिरे पूर्व भाजपा नेता राही मासूम रजा की गिरफ्तार के बाद जिले की पुलिस राहत महसूस कर रही है। 10 दिनों से रजा की तलाश में भटक रही पुलिस पर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि पुलिस ने सख्ती बरतते हुए फरार रजा की गिरफ्तारी उसके मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया था। किसी बड़ी कार्रवाई आशंका से डरे किराएदारों ने मकान खाली कर दिया। बताया जा रहा है कि मकान पर रविवार को बुलडोजर चल सकता है। अमर उजाला ने शुरू से ही पीड़िता की बात को प्रमुखता से उठाते हुए उसे न्याय दिलाने के लिए पूरी की कोशिश। मामले को उच्चाधिकारियों ने संज्ञान में लिया तो कार्रवाई तेज हुई।
विज्ञापन

खामोश मोहल्लेवाले भी बोलने लगे
आरोपी राही मासूम रजा के घर को किराएदारों ने खाली कर दिया। कई के सामान घर के बाहर थे। बहुत कुरेदने पर किराएदारों ने कहा कि ऐसे आदमी के घर में रहना ठीक नहीं है। उसकी हरकतें गंदी थी, यह तो अब पता चल रहा है। मुहल्ले के लोग भी अब बोलने लगे हैं। लोगों का कहना है कि राही मासूम हमेशा दूसरों को परेशान करने की कोशिश करता था। जब उसे मौका मिला, उसने शासन सत्ता के करीब के आकर अपना प्रभाव बनाने की कोशिश की। अपनी ऊंची पहुंच के कारण ही वह भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का जिलाध्यक्ष भी बन गया। हालांकि उसकी कारगुजारी जानने के बाद पार्टी ने उससे किनारा कस लिया। पार्टी के कुछ नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर भी हैं। इसे लेकर कयासबाजी का दौर शुरू है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उसकी संपत्तियों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। आरोपी को जानने वाले लोग भी रडार पर हैं। फोन करने वालों से भी पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन


जुगाड़ से बना था सरकारी वकील
पूर्व भाजपा नेता राही मासूम रजा जुगाड़ से सरकारी वकील बना था, लेकिन उसकी कलई खुल गई। प्रशासन ने उसका पारिश्रमिक रोक दिया। सूत्र बताते हैं कि प्रशासन ने उससे प्रमाणपत्र मांगा था, जिसे वह नहीं दे सका। इसके बाद उसने रकम के लिए सत्ताधारी दल के नेताओं का सहारा लिया। नेताओं ने पैरवी की, लेकिन अधिकारियों ने नियम के विपरीत काम करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------------
राही मासूम रजा का नाम सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन महराजगंज की सूची में नहीं है। वह सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन का सदस्य नहीं है। उसके पास सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस नहीं है।

धर्मेद्र त्रिपाठी, महामंत्री, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन
----------------------

आरोपी ने जिस घर को किराए पर दिया था वह अवैध
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने जिस घर को किराए पर दे रखा है। वह जमीन हसनैन अब्बासी के नाम पर है। यह जमीन हसनैन अब्बासी ने बैनामा लिया था। वह बिजली विभाग में काम करते थे। बैनामा के बाद हसनैन अब्बासी की मौत हो गई। जमीन के बारे में उनके बीवी-बच्चों को पता नहीं चल सका। राही मासूम रजा इस जमीन पर कब्जा कर लिया। इस प्रकरण के हकीकत के बारे में जांच की जा रही है।

राही मासूम को अशोक सिंह के नाम से जानते थे लोग
सूत्रों की मानें तो आरोपी राही मासूम की कहानी बहुत उलझी हुई है। शुरुआत में लोग उसे अशोक सिंह के नाम से जानते थे। बाद उसने अपना नाम लोगों का राही मामूम बताया था। शहर में इसे लेकर भी चर्चा खूब हो रही है।

पुलिस के लिए आरोपी बना रहा सिर दर्द

आरोपी राही मासूम की गिरफ्तारी से पुलिस राहत की सांस ले रही है। पुलिस अधिकारियों के पास उसकी गिरफ्तारी में देरी होने के सवाल का जवाब नहीं था। दबाव इतना था कि पुलिस की गिरफ्तारी के लिए 15 टीमें बनाई गईं। लेकिन वह 10 दिनों तक पुलिस का छकाता रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस सर्विलांस के जरिए रजा का पता लगाने की कोशिश भी नाकाम रही। जिस लोकेशन पर पुलिस जाती थी, वहां आरोपी नहीं मिलता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed