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बदलते मौसम में बढ़े निमोनिया के मरीज

Sat, 19 Feb 2022 11:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 11:51 PM IST
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Pneumonia patients increased in the changing season
जिला अस्पताल में पर्ची काउंटर पर लगी भीड़। - फोटो : MAHARAJGANJ
बदलते मौसम में बढ़े निमोनिया के मरीज
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ओपीडी में प्रतिदिन औसतन आ रहे हैं 20 से अधिक मरीज
महराजगंज। इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 20 मरीज निमोनिया के आ रहे हैं। इनमें से कइयों को भर्ती करना पड़ रहा है। डॉक्टर लोगों से मौसम के हिसाब से जीवन शैली ढालने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में शनिवार को पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक मरीजों की भीड़ लगी रही। कई अभिभावक अपने बीमार बच्चों को लेकर डॉक्टरों के कक्ष में पहुंचे थे। भीड़ की वजह से लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। हालांकि निमोनिया का कोई गंभीर केस नहीं मिला। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी राय ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों के साथ निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। निमोनिया ज्यादातर बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के हमले से होता है। मौसम बदलने, सर्दी लगने, फेफड़ों पर चोट लगने के अलावा खसरा, चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों के बाद भी निमोनिया की आशंका बढ़ जाती है। टीबी, एचआईवी पॉजिटिव, अस्थमा, डायबिटीज व दिल के रोगियों को निमोनिया होने की आशंका अधिक रहती है। निमोनिया सांस से जुड़ी गंभीर बीमारी है। इसमें फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है।
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बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत
डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि निमोनिया की बीमारी अक्सर उन लोगों को होती है, जिन्हें एलर्जी हो या इम्यून प्रणाली कमजोर होती है। निमोनिया के अधिकतर मामले बच्चों और बुजुर्गों में देखे जाते हैं। जिन लोगों को अस्थमा है या फेफड़ों से संबंधित अन्य कोई परेशानी है, उनको भी निमोनिया की शिकायत हो सकती है।
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निमोनिया के लक्षण
लगातार खांसी आना, सांस लेने में परेशानी, छाती में दर्द, खांसी के साथ कफ आना, ठंड लगना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना आदि
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स्वच्छता का रखें ध्यान
डॉक्टर के मुताबिक, बैक्टीरिया के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि हाइजीन का खास ध्यान रखा जाए। खाना खाने से पहले हाथ साबुन से साफ करें। सर्दी में बाहर जाते समय गर्म कपड़े पहनें। छाती और सिर पर हवा न लगने दें। गर्म पानी पीएं और सप्ताह में एक बार भाप लें।

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अस्पताल में मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज करने की व्यवस्था है। इन दिनों निमोनिया से पीड़ित मरीज अधिक आ रहे हैं। ऐसे मरीजों का ठीक से इलाज किया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत दी गई है।
- डॉ. एके राय, सीएमएस
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