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Maharajganj News: पर्यावरण अनुकूल उपकरण है सौर कीट जाल
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गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कॉलेज के प्राणि विज्ञान विभाग में मंगलवार को जूलॉजिकल सोसाइटी की ओर से कीटनाशक उपकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ .रामदरश वर्मा ने विभिन्न कीटनाशक उपकरणों के प्रयोग के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि लाइट इंसेक्ट ट्रैप (सौर कीट जाल) एक पर्यावरण अनुकूल उपकरण है। यह सौर ऊर्जा से चलकर रात में पराबैंगनी प्रकाश से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को आकर्षित करता है और उन्हें एक जाल या पानी के टब में फंसाकर नष्ट कर देता है। उन्होंने विभाग को दो सोलर लाइट इंसेक्ट ट्रैप भी प्रदान किए।
प्राचार्य प्रो. अनिल सिंह ने कहा कि कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के कारण विभिन्न जीव जंतुओं के विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। सौर ऊर्जा संचालित इंसेक्ट ट्रैप बहुत ही अच्छा कीट नियंत्रण उपकरण है। संयोजन डॉ. फणींद्र तिवारी व आभार ज्ञापन विभाग की प्रभारी डॉ. संगीता त्रिपाठी ने किया। संचालन पीजी की छात्राओं अनुप्रिया एवं रितिका ने किया। इस अवसर पर डॉ. शशांक श्रीवास्तव, डाॅ. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डॉ. जितेन्द्र कुमार, डाॅ. आराधना सिंह एवं डॉ. कविता सिंह आदि मौजूद रहीं।
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उन्होंने कहा कि लाइट इंसेक्ट ट्रैप (सौर कीट जाल) एक पर्यावरण अनुकूल उपकरण है। यह सौर ऊर्जा से चलकर रात में पराबैंगनी प्रकाश से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को आकर्षित करता है और उन्हें एक जाल या पानी के टब में फंसाकर नष्ट कर देता है। उन्होंने विभाग को दो सोलर लाइट इंसेक्ट ट्रैप भी प्रदान किए।
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प्राचार्य प्रो. अनिल सिंह ने कहा कि कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के कारण विभिन्न जीव जंतुओं के विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। सौर ऊर्जा संचालित इंसेक्ट ट्रैप बहुत ही अच्छा कीट नियंत्रण उपकरण है। संयोजन डॉ. फणींद्र तिवारी व आभार ज्ञापन विभाग की प्रभारी डॉ. संगीता त्रिपाठी ने किया। संचालन पीजी की छात्राओं अनुप्रिया एवं रितिका ने किया। इस अवसर पर डॉ. शशांक श्रीवास्तव, डाॅ. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डॉ. जितेन्द्र कुमार, डाॅ. आराधना सिंह एवं डॉ. कविता सिंह आदि मौजूद रहीं।
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