{"_id":"677fdbdfbecf0bfa2409db0d","slug":"people-kept-shivering-did-not-get-relief-from-cold-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-140184-2025-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: ठिठुरते रहे लोग, ठंड से नहीं मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: ठिठुरते रहे लोग, ठंड से नहीं मिली राहत
Thu, 09 Jan 2025 07:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 09 Jan 2025 07:54 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। सर्दी की तल्खी जनपद में लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन दोपहर बाद धूप नहीं हुआ। घटते तापमान के बीच चलने वाली सर्द हवाओं के कारण लोग कांपते नजर आए। ठिठुरन और गलन के कारण लोग हाथों को रगड़कर सुन्न होने से बचाते दिखे। पूरे दिन बादल और हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति बनी रही। न्यूनतम तापमान जहां 6 डिग्री पर पहुंच गया वहीं अधिकतम तापमान 18 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
बृहस्पतिवार को पूरे दिन मौसम बनता और बिगड़ता रहा। कभी दृश्यता का ग्राफ बढ़कर यह भान कराता कि धूप खिलेगी वहीं चंद मिनट बाद ही यह इस कदर लुढ़क जाता कि बारिश की संभावना प्रबल दिखती। सुबह कोहरा आठ बजे के बाद जरूर छंट गया, लेकिन बर्फ सरीखी हवाओं ने शीतलहर का अहसास कराने में कोई कसर न छोड़ी। शाम पांच बजे तक मौसम के उतार चढ़ाव का खेल चला और शाम पांच बजे के बाद अचानक से ठंड काफी हद तक बढ़ गई और कोहरा घिरने की प्रक्रिया शुरू हो गई। अलाव जहां भी जलता मिला वहां लोग जुटे व अलाव सेंकते मिले। वहीं घरों में बुजुर्ग कंबल में भी कांपते रहै और अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन करते रहै। जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज में भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि सर्दी से छुटकारा मिलने के संकेत नहीं है। हवाओं के कारण गलन और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। संवाद
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को पूरे दिन मौसम बनता और बिगड़ता रहा। कभी दृश्यता का ग्राफ बढ़कर यह भान कराता कि धूप खिलेगी वहीं चंद मिनट बाद ही यह इस कदर लुढ़क जाता कि बारिश की संभावना प्रबल दिखती। सुबह कोहरा आठ बजे के बाद जरूर छंट गया, लेकिन बर्फ सरीखी हवाओं ने शीतलहर का अहसास कराने में कोई कसर न छोड़ी। शाम पांच बजे तक मौसम के उतार चढ़ाव का खेल चला और शाम पांच बजे के बाद अचानक से ठंड काफी हद तक बढ़ गई और कोहरा घिरने की प्रक्रिया शुरू हो गई। अलाव जहां भी जलता मिला वहां लोग जुटे व अलाव सेंकते मिले। वहीं घरों में बुजुर्ग कंबल में भी कांपते रहै और अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन करते रहै। जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज में भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि सर्दी से छुटकारा मिलने के संकेत नहीं है। हवाओं के कारण गलन और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। संवाद
विज्ञापन