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जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से लोग नाराज
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नौतनवां में भूमि बैनामा रोकने को लेकर आपत्ति व्यक्त करती महिला।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से लोग नाराज
फरेंदा। गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में आने वाली जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से लोग नाराज हैं। जमीन का मुआवजा कृषि दर के मुताबिक दिया जा रहा है, जबकि लोग व्यावसायिक दर से मुआवजे की मांग की रहे हैं। इस मुद्दे पर बुधवार को मानिकौरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भू स्वामियों व व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें जमीन का उचित मुआवजा न दिए जाने से लोगों ने नाराजगी प्रकट की।
फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में व्यापारियों व किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। जिसके एवज में घोषित मुआवजा काफी कम है। सड़क के किनारे की जमीन अधिक महंगी खरीदी गई है। ऐसे में शासन द्वारा जारी मुआवजा राशि को बढ़ाया जाए। अगर जमीन का मुआवजा ठीक नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। लोगों की समस्या को सड़क से लेकर सदन तक उठा कर न्याय दिलाउंगा।
विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि कोई किसान व्यापारी ठेकेदार द्वारा भेजे गए नोटिस से डरें नहीं। विभाग द्वारा लोगों को धमकी दी जा रही है। जो लोगों के साथ अन्याय है। सड़क के किनारे कई वर्षों से लोग दुकान व मकान बना कर अपनी जीविका चलाते हैं। ऐसे में उन लोगों को उचित धनराशि दी जाए। इस दौरान कुंज बिहारी निषाद, राजन शुक्ला, अनिल चौधरी, राकेश जायसवाल, त्रियुगी नारायण, राजकुमार, विष्णु चौधरी, प्रेम नारायण, चंद्रिका अग्रहरी, दिलीप मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।
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चकबंदी अधिकारी को ज्ञापन देकर नाम दर्ज करने की मांग
फरेंदा। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित गाटा नंबरों का मौके पर सत्यापन करा कर खसरा व खतौनी उपलब्ध कराने की मांग की। क्षेत्र के ललाइन पैसिया के दर्जनों लोग विजय सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी से मिले। उन्होंने पत्र देकर बताया कि सड़क के किनारे बसे अधिकांश लोगों की भूमि पर मकान दुकान, विद्यालय सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। वर्षों बीत जाने के बाद भी खसरे में उनकी वर्तमान में नाम दर्ज नहीं है। लोगों ने कहा कि कई गांव में चकबंदी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। टीम बनाकर खसरे में नाम दर्ज किया जाए। इस दौरान राकेश त्रिपाठी, कुंजबिहारी, राजन शुक्ला, बलराज यादव, रंजीत श्रीवास्तव, जहरूद्दीन खान, राजमन यादव आदि मौजूद रहे।
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फरेंदा। गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में आने वाली जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से लोग नाराज हैं। जमीन का मुआवजा कृषि दर के मुताबिक दिया जा रहा है, जबकि लोग व्यावसायिक दर से मुआवजे की मांग की रहे हैं। इस मुद्दे पर बुधवार को मानिकौरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भू स्वामियों व व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें जमीन का उचित मुआवजा न दिए जाने से लोगों ने नाराजगी प्रकट की।
फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में व्यापारियों व किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। जिसके एवज में घोषित मुआवजा काफी कम है। सड़क के किनारे की जमीन अधिक महंगी खरीदी गई है। ऐसे में शासन द्वारा जारी मुआवजा राशि को बढ़ाया जाए। अगर जमीन का मुआवजा ठीक नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। लोगों की समस्या को सड़क से लेकर सदन तक उठा कर न्याय दिलाउंगा।
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विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि कोई किसान व्यापारी ठेकेदार द्वारा भेजे गए नोटिस से डरें नहीं। विभाग द्वारा लोगों को धमकी दी जा रही है। जो लोगों के साथ अन्याय है। सड़क के किनारे कई वर्षों से लोग दुकान व मकान बना कर अपनी जीविका चलाते हैं। ऐसे में उन लोगों को उचित धनराशि दी जाए। इस दौरान कुंज बिहारी निषाद, राजन शुक्ला, अनिल चौधरी, राकेश जायसवाल, त्रियुगी नारायण, राजकुमार, विष्णु चौधरी, प्रेम नारायण, चंद्रिका अग्रहरी, दिलीप मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।
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चकबंदी अधिकारी को ज्ञापन देकर नाम दर्ज करने की मांग
फरेंदा। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित गाटा नंबरों का मौके पर सत्यापन करा कर खसरा व खतौनी उपलब्ध कराने की मांग की। क्षेत्र के ललाइन पैसिया के दर्जनों लोग विजय सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी से मिले। उन्होंने पत्र देकर बताया कि सड़क के किनारे बसे अधिकांश लोगों की भूमि पर मकान दुकान, विद्यालय सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। वर्षों बीत जाने के बाद भी खसरे में उनकी वर्तमान में नाम दर्ज नहीं है। लोगों ने कहा कि कई गांव में चकबंदी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। टीम बनाकर खसरे में नाम दर्ज किया जाए। इस दौरान राकेश त्रिपाठी, कुंजबिहारी, राजन शुक्ला, बलराज यादव, रंजीत श्रीवास्तव, जहरूद्दीन खान, राजमन यादव आदि मौजूद रहे।