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Maharajganj News: अस्पताल में बढ़े मरीज, ओपीडी से लेकर वार्ड तक हुए फुल
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फोटो
पोषण पुनर्वास केंद्र भरा, नवजात शिशु देखभाल इकाई में 26 बेड पर 52 बच्चे भर्ती, ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। ओपीडी से लेकर वार्ड भरा हुआ है। डॉक्टरों को इलाज करने में परेशानी हो रही है। नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में 26 बेड पर 52 बच्चे भर्ती हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में 10 बेड पर 10 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। मरीजों की भीड़ पैथोलॉजी में भी बढ़ गई है। जांच रिपोर्ट मिलने में मरीजों को देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टर के कक्ष तक मरीजों को पहुंचने में परेशानी हुई। लंबी कतारों में खड़े होकर मरीजों को इलाज के लिए घंटे भर इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में 900 मरीज इलाज कराने पहुंचे। मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज ज्यादा अस्पताल पहुंच रहे हैं। वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी एसएनसीयू वार्ड है। 26 बेड पर 52 बच्चों को भर्ती कराया गया है। तीमारदार अस्पताल के गलियारे में बैठकर बच्चों को ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों का इलाज हो रहा है। उनको पौष्टिक भोजन एवं जरूरी दवा देकर सुपाेषित किया जा रहा है।
रतनुपर की खुशबू ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को भर्ती कराया है। सुबह शाम समय से पौष्टिक भोजन मिल रहा है। पनियरा से आई सुमन ने बताया कि बच्चे को भर्ती किया गया है। बेड खाली नहीं है। बीते एक सप्ताह से वार्ड भरा है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने से इलाज में थोड़ी समस्या हो रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अर्जुन प्रसाद भार्गव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। समय-समय पर वार्डों में निगरानी कर समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाती है। तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बना है।
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पोषण पुनर्वास केंद्र भरा, नवजात शिशु देखभाल इकाई में 26 बेड पर 52 बच्चे भर्ती, ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। ओपीडी से लेकर वार्ड भरा हुआ है। डॉक्टरों को इलाज करने में परेशानी हो रही है। नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में 26 बेड पर 52 बच्चे भर्ती हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में 10 बेड पर 10 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। मरीजों की भीड़ पैथोलॉजी में भी बढ़ गई है। जांच रिपोर्ट मिलने में मरीजों को देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टर के कक्ष तक मरीजों को पहुंचने में परेशानी हुई। लंबी कतारों में खड़े होकर मरीजों को इलाज के लिए घंटे भर इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में 900 मरीज इलाज कराने पहुंचे। मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज ज्यादा अस्पताल पहुंच रहे हैं। वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी एसएनसीयू वार्ड है। 26 बेड पर 52 बच्चों को भर्ती कराया गया है। तीमारदार अस्पताल के गलियारे में बैठकर बच्चों को ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों का इलाज हो रहा है। उनको पौष्टिक भोजन एवं जरूरी दवा देकर सुपाेषित किया जा रहा है।
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रतनुपर की खुशबू ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को भर्ती कराया है। सुबह शाम समय से पौष्टिक भोजन मिल रहा है। पनियरा से आई सुमन ने बताया कि बच्चे को भर्ती किया गया है। बेड खाली नहीं है। बीते एक सप्ताह से वार्ड भरा है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने से इलाज में थोड़ी समस्या हो रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अर्जुन प्रसाद भार्गव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। समय-समय पर वार्डों में निगरानी कर समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाती है। तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बना है।