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यूक्रेन में फंसे छात्रों के मां-बाप का दिन का चैन और रात की नींद उड़ी

Thu, 24 Feb 2022 12:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 12:03 AM IST
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parents are worried about their wards living in ucrane
यूक्रेन में फंसे छात्रों के मां-बाप का दिन का चैन और रात की नींद उड़ी
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महराजगंज। रूस व यूक्रेन के बीच तनाव के बीच वहां मेडिकल की पढ़ाई करने वाले जिले के तमाम छात्र वहां परेशान हैं। यहां उनके परिजन सुरक्षा के प्रति चिन्ता प्रकट करते हुए उनकी सलामती की कामना कर रहे हैं। छात्रों के परिजन डरे हुए हैं कि वहां से कैसे सकुशल वापसी होगी? जिले के आनंदनगर, बरगदवा, सिसवा के छात्र यूक्रेन में पढाई करने गए हैं। उन सभी से परिजन लागातार संपर्क में हैं। परिजनों का कहना है कि जैसे ही कोई व्यवस्था बनेगी, सभी घर आ जाएंगे।
लगातार संपर्क में हैं दिव्या के परिजन
सिसवा कस्बे के हनुमानगढ़ी निवासी टाइल्स व्यापारी दिवाकर जायसवाल की बड़ी बेटी दिव्या जायसवाल मेडिकल की पढ़ाई के लिए वर्ष 2018 में यूक्रेन गई। दिव्या यूक्रेन के खारकीव सिटी स्थित खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस एमडी चौथे साल में हैं। पिता दिवाकर जायसवाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी के हालात अभी तक तो ठीक हैं। दिव्या की ऑफलाइन क्लास भी चल रही है, लेकिन वहां के दिन-प्रतिदिन बिगड़ते हालात को देखते हुए चिंता बनी हुई है। दिव्या का भाई हैप्पी दिन में तीन से चार बार उससे बात करता है।
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भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं दिव्या
दिव्या ने दूरभाष के जरिए बातचीत में बताया कि अभी तक खारकीव सिटी की स्थिति सामान्य है। दिव्या व लखनऊ की उसकी रूम मेट आकांक्षा यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में बने हैं। बॉर्डर पर अगर तनाव ज्यादा बढ़ा, तो यूक्रेन से भारत वापस लौटने की स्थिति आ सकती है।
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वापसी के लिए कर रहे ईश्वर से प्रार्थना
फरेंदा। नगर पंचायत आनंदनगर के निरालानगर के रहने वाले एमबीबीएस छात्र नवीन शुक्ला यूक्रेन की राजधानी कीव में फंसे हैं। नवीन ने फोन पर परिजनों को बताया कि वर्तमान समय में यूक्रेन की राजधानी कीव में अफरा-तफरी का माहौल हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं। छात्र के पिता श्रीधर शुक्ला ने बताया कि कुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हूं। भारत सरकार मदद करे, तो बेटा जल्दी घर आ जाएगा।
बिगड़े हालात देख बढ़ी चिन्ता
बरगदवां। स्थानीय कस्बे के डॉ. दिनेश चंद के बड़े पुत्र आशुतोष कुमार चंद वर्ष 2021 में यूक्रेन के टेरनोपिल शहर स्थित टेरनोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पढ़ाई करने गए हैं। डॉ. दिनेश ने बताया कि उसके साथ सिद्धार्थनगर जिले का रवि मद्धेशिया व कुशीनगर जिला निवासी कृपाशंकर गुप्ता भी है। यूक्रेन में बिगड़े हालात को देखते हुए काफी चिंता हो रही है। मंगलवार की देर शाम आशुतोष से मोबाइल पर हुई, तो कुछ राहत महसूस हुई। आशुतोष ने फोन पर बताया कि यूक्रेन के टेरनोपिल शहर के हालात कुछ ठीक हैं।

यूक्रेन में एमबीबीएस करने गए हैं भाई-बहन
सिसवा। क्षेत्र के कारीडीहा गांव के रहने वाले भाई-बहन राहुल व आकांक्षा यूक्रेन में मेडिकल के छात्र हैं। पिता डॉ. केसरी नंदन के अनुसार बिगड़े हालात को देखते हुए प्रतिदिन दो से तीन बार दोनों से बात हो रही है। डॉ. केसरी नंदन सीएचसी चरगांवा में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं। आकांक्षा वर्ष 2016 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन में गई है, जबकि राहुल वर्ष 2022 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए हैं। पिता डॉ. केसरी नंदन ने बताया कि दोनों की यूनिवर्सिटी के हालात ठीक हैं। दोनों की अभी ऑफलाइन क्लास चल रही हैं, लेकिन वहां के बिगड़ते हालात को देखते हुए हर समय चिंता बनी हुई है। अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ती है, तो दोनों वापस आ जाएंगे।
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