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Maharajganj News: जिला अस्पताल में पेपरलेस ओपीडी की योजना धराशायी
Wed, 13 Dec 2023 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 13 Dec 2023 01:24 AM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल में पेपरलेस ओपीडी बनाने की योजना धराशायी हो गई है। करीब नौ माह पहले दो डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिलाने के बाद जिम्मेदारों ने इधर से नजरें फेर ली। इस दिशा में कुछ खास पहल नहीं की जा रही है। दो काउंटरों पर कंप्यूटर से पर्ची कटती है। वर्तमान में 10 से 15 कंप्यूटर अस्पताल को मिले हैं। पूरे परिसर को वाईफाई से युक्त कर दिया गया है। अन्य जरूरी संसाधन मंगाने की दिशा में कोई पहल नहीं होने से आज भी मरीजों को पर्चा लेकर इधर-उधर भटकना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में एक जगह से दूसरी जगह कागजों का पुलिंदा लेकर घूमने से राहत दिलाने की व्यवस्था धराशायी हो चुकी है। सारा काम ऑनलाइन नहीं हो रहा। करीब नौ माह पहले बताया गया था कि जिला अस्पताल में ओपीडी का पर्चा ऑनलाइन बनेगा, चिकित्सक भी ऑनलाइन ही दवा लिखेंगे और जांच रिपोर्ट भी चिकित्सक को ऑनलाइन ही मिल जाएगी। एक बार रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद वही नंबर हर बार काम में आएगा। यह व्यवस्था अब तक पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो सकी है। पर्ची लेकर डॉक्टरों के कक्ष के सामने मरीज खड़े रहते हैं। योजना के तहत सभी डॉक्टरों व कर्मियों को प्रशिक्षण कराया जाना है, लेकिन नौ माह पहले दो डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिलाने के बाद किसी से ध्यान नहीं दिया। नेटवर्किंग पूरे अस्पताल में कराया जा चुका है। प्रिंटर भी जिला अस्पताल में मिला है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक दिन करीब 800 मरीज इलाज कराने आते हैं। शहर के छत्रपति साहू जी महराजनगर के सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। पर्ची कटाने के लेकर इलाज कराने तक घंटे भर से ज्यादा वक्त लग जाता है। थोड़ा सा देर हो जाए तो लैब में जांच नहीं होती है।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान में कंप्यूटर से पर्ची कटती है। जब सभी डॉक्टरों का प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा तो यह व्यवस्था अस्पताल में पूरी से प्रभावी हो जाएगी। क्रमश: जरूरी कार्यों को कराया जा रहा है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है।
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जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में एक जगह से दूसरी जगह कागजों का पुलिंदा लेकर घूमने से राहत दिलाने की व्यवस्था धराशायी हो चुकी है। सारा काम ऑनलाइन नहीं हो रहा। करीब नौ माह पहले बताया गया था कि जिला अस्पताल में ओपीडी का पर्चा ऑनलाइन बनेगा, चिकित्सक भी ऑनलाइन ही दवा लिखेंगे और जांच रिपोर्ट भी चिकित्सक को ऑनलाइन ही मिल जाएगी। एक बार रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद वही नंबर हर बार काम में आएगा। यह व्यवस्था अब तक पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो सकी है। पर्ची लेकर डॉक्टरों के कक्ष के सामने मरीज खड़े रहते हैं। योजना के तहत सभी डॉक्टरों व कर्मियों को प्रशिक्षण कराया जाना है, लेकिन नौ माह पहले दो डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिलाने के बाद किसी से ध्यान नहीं दिया। नेटवर्किंग पूरे अस्पताल में कराया जा चुका है। प्रिंटर भी जिला अस्पताल में मिला है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक दिन करीब 800 मरीज इलाज कराने आते हैं। शहर के छत्रपति साहू जी महराजनगर के सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। पर्ची कटाने के लेकर इलाज कराने तक घंटे भर से ज्यादा वक्त लग जाता है। थोड़ा सा देर हो जाए तो लैब में जांच नहीं होती है।
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प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान में कंप्यूटर से पर्ची कटती है। जब सभी डॉक्टरों का प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा तो यह व्यवस्था अस्पताल में पूरी से प्रभावी हो जाएगी। क्रमश: जरूरी कार्यों को कराया जा रहा है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है।
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