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Maharajganj News: तीन वर्ष बाद भी पंचायत भवन का काम नहीं हुआ पूरा
Wed, 28 Aug 2024 06:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 28 Aug 2024 06:44 PM IST
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महराजगंज। परतावल विकास खंड के पिपरा लाला गांव के लोगों ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि उनके गांव में पिछले तीन वर्ष से कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं, जो हुआ भी है वह आधा-अधूरा है।
ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि उनके ग्राम सभा को गोरखपुर-महराजगंज मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पर गंदगी का अंबार है। गांव के लोग सड़क के किनारे कचरा फेंकते हैं, जिसके निस्तारण की व्यवस्था आज तक नहीं बनाई गई। तीन वर्ष बाद भी गांव में पंचायत भवन का काम पूरा नहीं हुआ। निम्न दर्जे के सीमेंट से हो रहे निर्माण को ग्रामवासियों ने रोकवाया, लेकिन दोबारा सही तरीके से काम शुरू नहीं हुआ।
पंचायत भवन की बाउंड्री बाउंड्री बनवाकर छोड़ दिया गया। खलिहान की भूमि का रकबा 67 डिस्मिल कागज में दर्ज है, लेकिन कब्जा की गई भूमि को बिना खाली कराए सिर्फ 50 डिस्मिल पर ही बाउंड्री निर्माण हुआ। गांव में दो हाईमास्ट लगना था जिसमें से एक प्राथमिक स्कूल तो दूसरा पंचायत भवन के लिए था, लेकिन एक हाईमास्ट स्कूल में लगवाने के बाद दूसरे प्रधान ने अपने घर के पास लगवा लिया। गांव में 80 स्ट्रीट लाइट लगनी थीं जिसमें से सिर्फ 47 ही लगीं। सिर्फ नौ लाइटें रोशनी फैला रही हैं, बाकी खराब पड़ी हैं। गांववासियों ने समस्या को देखते हुए स्थलीय निरीक्षण व कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मिंटू शर्मा, राकेश गौड़, गौरीशंकर, राघव गुप्ता, रविंद्र, किशोरी लाल, रमेश, रामू सहित अन्य शामिल रहे। संवाद
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ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि उनके ग्राम सभा को गोरखपुर-महराजगंज मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पर गंदगी का अंबार है। गांव के लोग सड़क के किनारे कचरा फेंकते हैं, जिसके निस्तारण की व्यवस्था आज तक नहीं बनाई गई। तीन वर्ष बाद भी गांव में पंचायत भवन का काम पूरा नहीं हुआ। निम्न दर्जे के सीमेंट से हो रहे निर्माण को ग्रामवासियों ने रोकवाया, लेकिन दोबारा सही तरीके से काम शुरू नहीं हुआ।
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पंचायत भवन की बाउंड्री बाउंड्री बनवाकर छोड़ दिया गया। खलिहान की भूमि का रकबा 67 डिस्मिल कागज में दर्ज है, लेकिन कब्जा की गई भूमि को बिना खाली कराए सिर्फ 50 डिस्मिल पर ही बाउंड्री निर्माण हुआ। गांव में दो हाईमास्ट लगना था जिसमें से एक प्राथमिक स्कूल तो दूसरा पंचायत भवन के लिए था, लेकिन एक हाईमास्ट स्कूल में लगवाने के बाद दूसरे प्रधान ने अपने घर के पास लगवा लिया। गांव में 80 स्ट्रीट लाइट लगनी थीं जिसमें से सिर्फ 47 ही लगीं। सिर्फ नौ लाइटें रोशनी फैला रही हैं, बाकी खराब पड़ी हैं। गांववासियों ने समस्या को देखते हुए स्थलीय निरीक्षण व कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मिंटू शर्मा, राकेश गौड़, गौरीशंकर, राघव गुप्ता, रविंद्र, किशोरी लाल, रमेश, रामू सहित अन्य शामिल रहे। संवाद
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