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UP: गरीबी से घबराकर मां ने नवजात को सौंपा अनजान हाथों में, ममता के दूसरे आंचल को मिली नन्ही परी
Thu, 16 Jul 2026 05:23 PM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 16 Jul 2026 05:23 PM IST
सार
पुरंदरपुर क्षेत्र की एक महिला प्रसव पीड़ा होने पर मायके से अपनी मां के साथ बनकटा सीएचसी पहुंची थी। ऑपरेशन से बिटिया का जन्म हुआ। बिटिया के जन्म पर न सोहर गाए गए न ही खुशियां बरसीं बल्कि दर्द के बादल छा गए। मां बेहोशी से उबरी तो भविष्य की चिंताओं की बाढ़ में डूबने-उतराने लगी।
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विस्तार
जिस बेटी को मां ने नौ महीने गर्भ में पाला, जिसके लिए अनगिनत तकलीफें उठाईं। गरीबी की दुश्वारियों से घबराकर उसी मां ने दुनिया में आते ही उसे हमेशा के लिए अनजान हाथों में सौंप दिया। ममता के दूसरे आंचल ने नन्ही परी को छांव दी। हालांकि, कानून की नजर में बिटिया के भविष्य की वैधानिक मुश्किलें बरकरार हैं।
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इन मुश्किलों के हल के लिए पुलिस ने यशोदा मां को तलब किया है। पुरंदरपुर क्षेत्र की एक महिला प्रसव पीड़ा होने पर मायके से अपनी मां के साथ बनकटा सीएचसी पहुंची थी। ऑपरेशन से बिटिया का जन्म हुआ। बिटिया के जन्म पर न सोहर गाए गए न ही खुशियां बरसीं बल्कि दर्द के बादल छा गए।
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मां बेहोशी से उबरी तो भविष्य की चिंताओं की बाढ़ में डूबने-उतराने लगी। उस मां की गोद में एक साल की एक बिटिया और है। करीब डेढ़ महीने पहले बीमारी से पति की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में दूसरी बिटिया के आने के बाद पालन-पोषण की मुश्किलों से डरी मां ने बड़ा फैसला ले लिया।
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14 जुलाई को डॉक्टर बेड पर पहुंचीं और बच्ची नहीं दिखी। पूछताछ पर मां ने गरीबी की पीड़ा का हवाला देते हुए बताया कि बच्ची को एक अपरचित महिला को सौंप दिया है। पति की मौत के बाद एक बेटी के साथ फिलहाल मायके में बसर कर रही है। ऐसे में दो बेटियों के भविष्य की चिंता डराने लगी थी।
इसी बीच अस्पताल में पहले से भर्ती एक महिला ने बताया कि उसकी एक रिश्तेदार के बच्चे नहीं हैं और उनकी गोद बच्चे के लिए तरस रही है। बच्ची के धुंधले भविष्य में उजाले की किरण देखकर उसे अनजान हाथों में सौंप दिया।
इसी बीच अस्पताल में पहले से भर्ती एक महिला ने बताया कि उसकी एक रिश्तेदार के बच्चे नहीं हैं और उनकी गोद बच्चे के लिए तरस रही है। बच्ची के धुंधले भविष्य में उजाले की किरण देखकर उसे अनजान हाथों में सौंप दिया।