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Maharajganj News: अस्पताल के खुले डस्टबिन मरीजों-तीमारदारों की बढ़ा रहे परेशानी
Sun, 26 May 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 26 May 2024 01:48 AM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल में लोग विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने के लिए जाते हैं। लेकिन परिसर में खुले में रखे गए डस्टबिन की दुर्गंध इन्हें और बीमार बना रही है। डस्टबिन में डाले गए मेडिकल वेस्ट की दुर्गंध के कारण इंतजार करने वाले मरीजों-तीमारदारों को परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल में हर रोज औसतन 800-900 ओपीडी होती है। यहां चिकित्सकीय परामर्श अथवा उपचार कराने आए मरीज व उनके तीमारदारों को इंतजार भी करना पड़ता है। अस्पताल में कूड़ा कचरा न फैले इसके लिए डस्टबिन तो लगे हैं, लेकिन किसी डस्टबिन पर ढक्कन न होने के कारण दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में असुविधा होती है। अधिकतर मरहम पट्टी कराने आए लोगों के जख्मों से खोला गया बैंडेज भी इसी में फेंका जाता है। ऐसी स्थिति में बिना ढके हुए रखे डस्टबिन संक्रामक रोगों के वाहक भी बन सकते हैं। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता से इसपर कोई लगाम भी नहीं कसी जा रही है। हालांकि सीएमएस डाॅ. एपी भार्गव ने कहा कि यह सफाई कर्मियों की भूल है। उन्हें डस्टबिन बंद करके ही छोड़ना चाहिए। इसके लिए उन्हें निर्देशित किया जाएगा।
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जिला अस्पताल में हर रोज औसतन 800-900 ओपीडी होती है। यहां चिकित्सकीय परामर्श अथवा उपचार कराने आए मरीज व उनके तीमारदारों को इंतजार भी करना पड़ता है। अस्पताल में कूड़ा कचरा न फैले इसके लिए डस्टबिन तो लगे हैं, लेकिन किसी डस्टबिन पर ढक्कन न होने के कारण दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में असुविधा होती है। अधिकतर मरहम पट्टी कराने आए लोगों के जख्मों से खोला गया बैंडेज भी इसी में फेंका जाता है। ऐसी स्थिति में बिना ढके हुए रखे डस्टबिन संक्रामक रोगों के वाहक भी बन सकते हैं। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता से इसपर कोई लगाम भी नहीं कसी जा रही है। हालांकि सीएमएस डाॅ. एपी भार्गव ने कहा कि यह सफाई कर्मियों की भूल है। उन्हें डस्टबिन बंद करके ही छोड़ना चाहिए। इसके लिए उन्हें निर्देशित किया जाएगा।
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