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Maharajganj News: पीठ पर लादकर मरीजों को ओपीडी पहुंचा रहे तीमारदार
Wed, 21 Jun 2023 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 21 Jun 2023 01:15 AM IST
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जिला अस्पताल में भाई को कंधे पर बैठाकर प्लास्टर करने पहुचे राजू पासवान।संवाद
जेई वार्ड की एसी खराब, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच कराने में छूटे पसीने, रोज आ रहे 1000 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आइए तो पूरी व्यवस्था के साथ। यदि मरीज चलने में असमर्थ है, तो यहां मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिलेगा। आपकों कंधे पर मरीज को ओपीडी तक ले जाना पड़ेगा। मंगलवार को कंधे पर सूरज को बैठाकर भाई ने पहुंचा। राजू पासवान इमरजेंसी में स्ट्रेचर को ढूंढ रहे थे। अस्पताल के कर्मी ने नहीं बताया तो कंधे पर मरीज को लेकर ओपीडी के प्लास्टर रूम में पहुंच गए।
सूरज ने बताया कि बीते दिनों बाइक से दुर्घटना हो गई थी। दोनों पैर की एडी में फ्रैक्चर है। जिला अस्पताल आया तो डाॅक्टर ने कच्चा प्लास्टर कर दिया। मंगलवार को पक्का प्लास्टर कराने आए थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला। भाई के कंधे पर बैठक कर आना पड़ा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1000 मरीज उपचार कराने रहे हैं। मंगलवार को यहां पर्ची काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक लंबी कतार लगी थी।
डॉक्टरों के कक्ष में मरीजों खचाखच भरे थे। इस समय डायरिया, उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज अधिक आ रहे है। तेज धूप के साथ ही लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। प्रतिदिन एक डाॅक्टर के पास करीब 20 से 25 मरीज इलाज करवाने पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. भानू प्रताप सिंह ने कहा कि तेज धूप में घर से बाहर न निकले। खूब पानी पीएं, अगर जरूरी है तो सिर पर गमझा डलकर, फूल आस्तीन का कपड़ा पहनकर ही निकले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि प्रतिदिन डायरिया, उल्टी-दस्त के मरीज 15 से 20 पहुंच रहे हैं। अधिक गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाता है। बच्चों की सेहत को लेकर जागरूक रहें। तेज धूप से बच्चों को बचाएं।
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नवजात शिशु देखभाल इकाई में भीड़
जन्म के तुरंत बाद बीमार होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस वार्ड में 15 जून को 58 बच्चे भर्ती थे। 16 को 59, 17 को 59, 18 को 60 और 19 को 60 मरीज भर्ती रहे। गर्मी से इन बच्चों को संख्या भी बढ़ी है।
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जेई-एईएस की एसी खराब
जेई-एईएस वार्ड की एसी खराब है। इस वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं है। अस्पताल प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। संक्रामक रोग वार्ड में मरीज को देखने आए नसरुद्दीन ने बताया कि अगर कोई जेई-एईएस का मरीज आया तो उसके लिए परेशानी होगी। इस वार्ड की एसी खराब है। सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि मरीज आने पर एसी ठीक करा दिया जाएगा।
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कोट
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वार्डों में मरीज भरे हैं। बेड खाली नहीं है। जहां कमी मिल रही है, उसे तुरंत ठीक करा दिया जा रहा है।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आइए तो पूरी व्यवस्था के साथ। यदि मरीज चलने में असमर्थ है, तो यहां मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिलेगा। आपकों कंधे पर मरीज को ओपीडी तक ले जाना पड़ेगा। मंगलवार को कंधे पर सूरज को बैठाकर भाई ने पहुंचा। राजू पासवान इमरजेंसी में स्ट्रेचर को ढूंढ रहे थे। अस्पताल के कर्मी ने नहीं बताया तो कंधे पर मरीज को लेकर ओपीडी के प्लास्टर रूम में पहुंच गए।
सूरज ने बताया कि बीते दिनों बाइक से दुर्घटना हो गई थी। दोनों पैर की एडी में फ्रैक्चर है। जिला अस्पताल आया तो डाॅक्टर ने कच्चा प्लास्टर कर दिया। मंगलवार को पक्का प्लास्टर कराने आए थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला। भाई के कंधे पर बैठक कर आना पड़ा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1000 मरीज उपचार कराने रहे हैं। मंगलवार को यहां पर्ची काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक लंबी कतार लगी थी।
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डॉक्टरों के कक्ष में मरीजों खचाखच भरे थे। इस समय डायरिया, उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज अधिक आ रहे है। तेज धूप के साथ ही लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। प्रतिदिन एक डाॅक्टर के पास करीब 20 से 25 मरीज इलाज करवाने पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. भानू प्रताप सिंह ने कहा कि तेज धूप में घर से बाहर न निकले। खूब पानी पीएं, अगर जरूरी है तो सिर पर गमझा डलकर, फूल आस्तीन का कपड़ा पहनकर ही निकले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि प्रतिदिन डायरिया, उल्टी-दस्त के मरीज 15 से 20 पहुंच रहे हैं। अधिक गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाता है। बच्चों की सेहत को लेकर जागरूक रहें। तेज धूप से बच्चों को बचाएं।
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नवजात शिशु देखभाल इकाई में भीड़
जन्म के तुरंत बाद बीमार होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस वार्ड में 15 जून को 58 बच्चे भर्ती थे। 16 को 59, 17 को 59, 18 को 60 और 19 को 60 मरीज भर्ती रहे। गर्मी से इन बच्चों को संख्या भी बढ़ी है।
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जेई-एईएस की एसी खराब
जेई-एईएस वार्ड की एसी खराब है। इस वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं है। अस्पताल प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। संक्रामक रोग वार्ड में मरीज को देखने आए नसरुद्दीन ने बताया कि अगर कोई जेई-एईएस का मरीज आया तो उसके लिए परेशानी होगी। इस वार्ड की एसी खराब है। सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि मरीज आने पर एसी ठीक करा दिया जाएगा।
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कोट
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वार्डों में मरीज भरे हैं। बेड खाली नहीं है। जहां कमी मिल रही है, उसे तुरंत ठीक करा दिया जा रहा है।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमएस
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