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Maharajganj News: एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा की सजा
Sat, 19 Jul 2025 08:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 19 Jul 2025 08:58 PM IST
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महराजगंज। शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा की अदालत ने मारपीट और गाली-गलौज समेत धमकी देने तीन अलग-अलग मामलों में सुनवाई की। आरोप सिद्ध होने पर पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया और एक एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा की सजा और अर्थदंड लगाया है।
पहला मामला वर्ष 1997 में दर्ज हुआ था, जो कोल्हुई थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर गांव का है। इस मामले में जमाल अहमद, जमालुद्दीन उर्फ जमाल तथा मोहम्मद क्यूम पर मारपीट व गाली-गलौज का आरोप था। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा और प्रत्येक पर 1300-1300 रुपये का जुर्माना लगाया है।
दूसरा मामला वर्ष 1995 का है, जिसमें फरेंदा थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जवाहिर पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप था। सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा की सजा और 1000 रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया।
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तीसरा मामला वर्ष 1992 का है। फरेंदा थाना क्षेत्र के परसहिया गांव निवासी आयूब पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप था। न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को एक दिन न्यायिक अभिरक्षा की सजा के साथ 1500 रुपये जुर्माने का आदेश सुनाया। संवाद
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पहला मामला वर्ष 1997 में दर्ज हुआ था, जो कोल्हुई थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर गांव का है। इस मामले में जमाल अहमद, जमालुद्दीन उर्फ जमाल तथा मोहम्मद क्यूम पर मारपीट व गाली-गलौज का आरोप था। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा और प्रत्येक पर 1300-1300 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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दूसरा मामला वर्ष 1995 का है, जिसमें फरेंदा थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जवाहिर पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप था। सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा की सजा और 1000 रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया।
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तीसरा मामला वर्ष 1992 का है। फरेंदा थाना क्षेत्र के परसहिया गांव निवासी आयूब पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप था। न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को एक दिन न्यायिक अभिरक्षा की सजा के साथ 1500 रुपये जुर्माने का आदेश सुनाया। संवाद