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Maharajganj News: पुरानी खतौनी से भी होगा मिलान, जांची जाएंगी कर्मियों की भूमिका
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- सरकारी भूमि को बैनामा करने के प्रकरण में चकबंदी व अभिलेखागार के रिकार्ड से मिलान की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद के मऊपाकड़ वार्ड में जिलाधिकारी के नाम से दर्ज सरकारी भूमि के बैनामा किए जाने के प्रकरण में प्रशासन सख्त हो गया है। बैनामा किए गए भूमि को जहां फिर से जिलाधिकारी के नाम से दर्ज कर दिया गया है, वहीं गड़बड़ी का पता लगाने के लिए अब अभिलेखागार में मौजूद सन 1952 की पुरानी खतौनी व चकबंदी के अभिलेखों से उसके मिलान कराए जाने की तैयारी है। सोमवार को मिलान करा कर उसकी वास्तविकता को देखा जाएगा। मामले में बैनामा के समय तैनात लेखपाल, राजस्व कानूनगो आदि की भी भूमिका जांची जाएगी। मामले में जो भी दोषी मिलेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई भी होगी।
नगर पालिका परिषद महराजगंज के मऊपाकड़ में नौ डिस्मिल सरकारी भूमि है। यह जमीन यह राजस्व विभाग के खतौनी अभिलेख में जरे इंतजाम कलेक्टर नाम से दर्ज था। इसी खतौनी में दो अन्य लोगों का भी नाम सह खातेदार के रूप में दर्ज कर दिया गया था। चूंकि खतौनी हर छह वर्ष में संशोधित होती रहती है। इसी संशोधन के बहाने वर्ष 2017 में लेखपाल, कानूनगो व अन्य जालसाजों ने मिलकर डीएम का नाम खतौनी से हटवा दिया। इसके बाद इस खतौनी में सह खातेदार इस जमीन के मालिक हो गए। मामला पकड़ में आने के बाद डीएम ने भूमि की दाखिल खारिज की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए उप जिलाधिकारी सदर दिनेश कुमार मिश्र को जांच सौंपी थी। प्रथम दृष्टया जांच में खतौनी में कूटरचित तरीके से जिलाधिकारी का नाम काटने की पुष्टि होने पर उप जिलाधिकारी ने जमीन को खतौनी में पुन: जरे कलेक्टर का नाम दर्ज करा दिया है। अब सोमवार को अभिलेखागार में रखी सन 1952 की खतौनी व चकबंदी के अभिलेखों से उसका मिलान होगा तथा वास्तविक स्थिति को देखते हुए गलत तरीके से बैनामा कराने में शामिल लोगों की भूमिका को जांचा जाएगा।
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खतौनी में फिर से जिलाधिकारी का नाम दर्ज करा दिया गया है। मामले की जांच जारी है। सोमवार को अभिलेखागार की खतौनी व चकबंदी के अभिलेख से भी उसका मिलान होगा। गलत तरीके से बैनामा किए जाने में जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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दिनेश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर
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प्रकरण की जांच उप जिलाधिकारी सदर को सौंपी गई है। मामले में पुराने अभिलेखों को भी देखने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद के मऊपाकड़ वार्ड में जिलाधिकारी के नाम से दर्ज सरकारी भूमि के बैनामा किए जाने के प्रकरण में प्रशासन सख्त हो गया है। बैनामा किए गए भूमि को जहां फिर से जिलाधिकारी के नाम से दर्ज कर दिया गया है, वहीं गड़बड़ी का पता लगाने के लिए अब अभिलेखागार में मौजूद सन 1952 की पुरानी खतौनी व चकबंदी के अभिलेखों से उसके मिलान कराए जाने की तैयारी है। सोमवार को मिलान करा कर उसकी वास्तविकता को देखा जाएगा। मामले में बैनामा के समय तैनात लेखपाल, राजस्व कानूनगो आदि की भी भूमिका जांची जाएगी। मामले में जो भी दोषी मिलेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई भी होगी।
नगर पालिका परिषद महराजगंज के मऊपाकड़ में नौ डिस्मिल सरकारी भूमि है। यह जमीन यह राजस्व विभाग के खतौनी अभिलेख में जरे इंतजाम कलेक्टर नाम से दर्ज था। इसी खतौनी में दो अन्य लोगों का भी नाम सह खातेदार के रूप में दर्ज कर दिया गया था। चूंकि खतौनी हर छह वर्ष में संशोधित होती रहती है। इसी संशोधन के बहाने वर्ष 2017 में लेखपाल, कानूनगो व अन्य जालसाजों ने मिलकर डीएम का नाम खतौनी से हटवा दिया। इसके बाद इस खतौनी में सह खातेदार इस जमीन के मालिक हो गए। मामला पकड़ में आने के बाद डीएम ने भूमि की दाखिल खारिज की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए उप जिलाधिकारी सदर दिनेश कुमार मिश्र को जांच सौंपी थी। प्रथम दृष्टया जांच में खतौनी में कूटरचित तरीके से जिलाधिकारी का नाम काटने की पुष्टि होने पर उप जिलाधिकारी ने जमीन को खतौनी में पुन: जरे कलेक्टर का नाम दर्ज करा दिया है। अब सोमवार को अभिलेखागार में रखी सन 1952 की खतौनी व चकबंदी के अभिलेखों से उसका मिलान होगा तथा वास्तविक स्थिति को देखते हुए गलत तरीके से बैनामा कराने में शामिल लोगों की भूमिका को जांचा जाएगा।
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खतौनी में फिर से जिलाधिकारी का नाम दर्ज करा दिया गया है। मामले की जांच जारी है। सोमवार को अभिलेखागार की खतौनी व चकबंदी के अभिलेख से भी उसका मिलान होगा। गलत तरीके से बैनामा किए जाने में जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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दिनेश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर
प्रकरण की जांच उप जिलाधिकारी सदर को सौंपी गई है। मामले में पुराने अभिलेखों को भी देखने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी