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Maharajganj News: अब घर पर ही बनेगी आभा आईडी
Thu, 01 May 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 01 May 2025 12:48 AM IST
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महराजगंज। जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब आभा आईडी कार्ड (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) बनाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
शासन के निर्देश पर अब एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों का आभा आईडी कार्ड बनाएंगी। जानकारी के अनुसार, आभा आईडी कार्ड प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र होगा। इसमें व्यक्ति का संपूर्ण स्वास्थ्य विवरण संचित रहेगा। इस कार्ड के माध्यम से मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देश के किसी भी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इससे न केवल इलाज में पारदर्शिता आएगी। बल्कि, डॉक्टरों को सही और समयबद्ध उपचार देने में भी आसानी होगी।
स्वास्थ्य के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल जनसंख्या 3103033 है। इसमें से अब तक 2,80,694 लोगों का आभा आईडी कार्ड बनकर तैयार हो चुका है। इसके तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे रोजाना कम से कम पांच-पांच लोगों का आभा आईडी कार्ड बनाएं। इसके लिए उन्हें मोबाइल फोन से लैस किया गया है ताकि वे घर-घर जाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों की जानकारी दर्ज कर सकें।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आभा आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी बहुत सरल है। लोगों को केवल अपना आधार कार्ड और एक सक्रिय मोबाइल नंबर देना होगा। इन दोनों दस्तावेजों के आधार पर कुछ ही मिनटों में उनका आभा आईडी कार्ड तैयार कर उन्हें तत्काल आईडी सौंप दी जाएगी।
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शासन के निर्देश पर अब एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों का आभा आईडी कार्ड बनाएंगी। जानकारी के अनुसार, आभा आईडी कार्ड प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र होगा। इसमें व्यक्ति का संपूर्ण स्वास्थ्य विवरण संचित रहेगा। इस कार्ड के माध्यम से मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देश के किसी भी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इससे न केवल इलाज में पारदर्शिता आएगी। बल्कि, डॉक्टरों को सही और समयबद्ध उपचार देने में भी आसानी होगी।
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स्वास्थ्य के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल जनसंख्या 3103033 है। इसमें से अब तक 2,80,694 लोगों का आभा आईडी कार्ड बनकर तैयार हो चुका है। इसके तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे रोजाना कम से कम पांच-पांच लोगों का आभा आईडी कार्ड बनाएं। इसके लिए उन्हें मोबाइल फोन से लैस किया गया है ताकि वे घर-घर जाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों की जानकारी दर्ज कर सकें।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आभा आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी बहुत सरल है। लोगों को केवल अपना आधार कार्ड और एक सक्रिय मोबाइल नंबर देना होगा। इन दोनों दस्तावेजों के आधार पर कुछ ही मिनटों में उनका आभा आईडी कार्ड तैयार कर उन्हें तत्काल आईडी सौंप दी जाएगी।