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Maharajganj News: ग्राम पंचायत सदस्य को नोटिस
Tue, 13 May 2025 08:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 13 May 2025 08:52 PM IST
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हराजगंज। निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत ढेसो के निर्वाचित सदस्य रामेश्वर सहानी को उनके कर्तव्यों के दुरुपयोग के आरोप में जिलाधिकारी अनुनय झा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से अवगत कराएं।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत सदस्य रामेश्वर सहानी की ओर से ग्राम प्रधान के विरुद्ध वर्ष 2022 में मंडलायुक्त गोरखपुर को एक शपथ पत्र के साथ शिकायत की गई थी। इसमें ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी की ओर से एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता शामिल थे।
तीन सदस्यीय समिति ने फरवरी 2023 में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया जो संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया और अंतिम जांच के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार को जांच अधिकारी नामित किया गया। अंतिम जांच में यह पाया गया कि ग्राम रोजगार सेवक ने फर्जी हस्ताक्षर कर मस्टररोल शून्य करा दिया, जबकि स्थल पर कार्य वास्तव में हुआ था। हालांकि उक्त कार्य की आईडी वित्तीय वर्ष 2022-23 की होने के कारण भुगतान नहीं हो सका और उसे श्रमदान घोषित कर दिया गया। रोजगार सेवक को दोषी ठहराते हुए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद ग्राम पंचायत की बैठक 6 नवंबर 2023 को हुई। इसमें दोषी रोजगार सेवक को पद मुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया। संवाद
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जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत सदस्य रामेश्वर सहानी की ओर से ग्राम प्रधान के विरुद्ध वर्ष 2022 में मंडलायुक्त गोरखपुर को एक शपथ पत्र के साथ शिकायत की गई थी। इसमें ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी की ओर से एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता शामिल थे।
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तीन सदस्यीय समिति ने फरवरी 2023 में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया जो संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया और अंतिम जांच के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार को जांच अधिकारी नामित किया गया। अंतिम जांच में यह पाया गया कि ग्राम रोजगार सेवक ने फर्जी हस्ताक्षर कर मस्टररोल शून्य करा दिया, जबकि स्थल पर कार्य वास्तव में हुआ था। हालांकि उक्त कार्य की आईडी वित्तीय वर्ष 2022-23 की होने के कारण भुगतान नहीं हो सका और उसे श्रमदान घोषित कर दिया गया। रोजगार सेवक को दोषी ठहराते हुए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद ग्राम पंचायत की बैठक 6 नवंबर 2023 को हुई। इसमें दोषी रोजगार सेवक को पद मुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया। संवाद
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