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Maharajganj News: त्योहारों के लिए भारतीय उत्पादों की बढ़ी मांग, जाम में बाॅर्डर पर फंसा माल

Fri, 02 Oct 2026 02:45 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:45 AM IST
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Surge in demand for Indian products for the festive season; goods stuck in border traffic jams.
सोनौली। दशहरा और दीपावली को लेकर नेपाल के बाजारों में भारतीय सामान की मांग बढ़ने लगी है लेकिन सोनौली बॉर्डर पर लगा जाम कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। करीब 17 किलोमीटर लंबी कतार में 1800 के आसपास मालवाहक ट्रक फंसे हैं। त्योहारों से पहले नेपाल के व्यापारी द्वारा मंगाए जा रहे मसाले, सूखे मेवे और अन्य खाद्य सामग्री के साथ मार्बल, टाइल्स, सेनेटरी सामान, मशीनरी और औद्योगिक कच्चे माल की खेप भी सीमा पर जाम में अटके हैं। पहले जिस माल को नेपाल पहुंचने में करीब एक दिन लगता था, अब उसे सीमा पार करने में आठ से 10 दिन लग रहे हैं। वजह सोनौली कस्बे में अतिक्रमण और काठमांडो जाने वाले मुख्य मार्गों पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित होना बताया जा रहा है।
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दिन में वाहनों के नेपाल प्रवेश में हो रही परेशानी के कारण तीन घंटे अधिक मध्यरात्रि तक सीमा को खोल कर निर्यात किया जा रहा है। रात एक बजे तक वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। त्योहारों के दौरान नेपाल के बाजारों में भारतीय खाद्य सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन नेपाल के लिए रवाना हुए हैं।
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इनमें कई वाहन कई दिनों से सोनौली बॉर्डर पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मांग बढ़ने और वाहनों की निकासी धीमी होने के कारण माल की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। दशहरा और दीपावली के लिए नेपाल के कारोबारियों ने पहले से ही माल की खरीद कर नेपाल के बाजारों के लिए मंगानी शुरू कर दी है। मसाले, सूखे मेवे, खाद्य सामग्री और अन्य उपभोक्ता सामान की मांग बढ़ने के साथ ही मार्बल, टाइल्स और सेनेटरी सामान की आपूर्ति भी महत्वपूर्ण है। लेकिन सीमा पर कई दिनों तक ट्रकों के खड़े रहने से समय पर माल पहुंचाना चुनौती बन गया है। पहले सोनौली बॉर्डर से नेपाल तक मालवाहक ट्रकों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम समय में हो जाती थी। अब जाम के कारण एक दिन में पूरा होने वाला सफर आठ से दस दिन तक खिंच रहा है। इससे ट्रांसपोर्टरों का परिचालन खर्च बढ़ रहा है और कारोबारियों को समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। भैरहवा निवासी व्यापारी विवेक अग्रवाल ने बताया कि दशहरा और दीपावली के पर्व नजदीक हैं। पर्व को देखते हुए भारत से दैनिक उपयोग के कई सामान मंगाए गए हैं। चार-पांच दिनों से सामान सोनौली बॉर्डर पर रुका हुआ है। जबकि और गाड़ियां भी आ रही हैं।
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नेपाल में त्योहारों के दौरान बाजार में मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि बॉर्डर पर वाहनों की निकासी की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में ट्रकों की कतार और लंबी हो सकती है। इसका असर त्योहारों से पहले नेपाल के बाजारों तक सामान पहुंचाने की व्यवस्था पर पड़ सकता है।

प्रभारी कोतवाल विशाल शुक्ला ने बताया कि भंसार और कस्टम के अधिकारियों से जाम को कम करने के लिए वार्ता की गई। बीते मंगलवार को मध्यरात्रि के दौरान 500 से अधिक वाहन नेपाल गए थे। बुधवार को रात 10 बजे तक 184 गाड़ी ही जा सके थे। बृहस्पतिवार को फिर से मध्यरात्रि तक सीमा खोलने पर सहमति बनी है।
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