फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Network of buying and selling of ceiling land is active in the tehsil!

Maharajganj News: तहसील में सक्रिय है सीलिंग की भूमि की खरीद-फराेख्त का नेटवर्क!

Tue, 19 Nov 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 19 Nov 2024 01:47 AM IST
विज्ञापन
Network of buying and selling of ceiling land is active in the tehsil!
महराजगंज/निचलौल। तहसील क्षेत्र के सेमरहना (बरगदही) गांव स्थित सीलिंग की भूमि का बैनामा होने के बाद खारिज-दाखिल भी हो गया। प्रशासन की इतनी सख्ती के बावजूद भी भू-माफिया इतना सब कुछ कैसे कर ले गए। इसकी सच्चाई अब सामने आने लगी है।
विज्ञापन

सूत्रों की मानें तो ठगी का पूरा नेटवर्क तहसील से ही चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं इस खेल में कुछ अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक भी शामिल हैं। मुताबिक करीब चार दशक पहले सेमरहना (बरगदही) गांव स्थित गाटा संख्या 544 में 24.11 एकड़ भूमि के अलावा अन्य गाटों में कुल 39.55 एकड़ भूमि अतिरिक्त घोषित की गई थी। इस मामले में नरसिंह बनाम सरकार के नाम से अपर जिलाधिकारी न्यायालय में एक वाद चल रहा था।
विज्ञापन

इसी बीच नरसिंह ने अतिरिक्त घोषित कुल भूमि को महज 20 हजार रुपये में रिश्ते में भांजा तेज नरायन निवासी सोहगौरा तहसील बांसगांव जिला गोरखपुर को बैनामा कर दिया। फिर तेज नरायन ने उक्त भूमि को 14 सितंबर 2006 को पत्नी बीना रानी और बेटे देवनरायन, आनंद नारायन और वेद नारायन के नाम से वरासत कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसके बाद बगैर जांच पड़ताल किए ही करीब एक दशक पहले उक्त अतिरिक्त घोषित भूमि में शारदा देवी निवासी चिउरहा, पुष्पा पांडेय और फुलपरी निवासी बरगदही ने खरीदारी कर लिया। फिर तीनों खरीदार अतिरिक्त घोषित सीलिंग की भूमि को कब्जा कर कृषि करने लगे। वहीं, 27 सितंबर 2017 को देव नारायन ने अपने नाम की भूमि को पत्नी प्रतिभा के नाम से बैनामा कर दिया। इसी बीच 28 मार्च 2023 को अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अतिरिक्त घोषित भूमि 39.55 एकड़ भूमि में से 20.27 एकड़ भूमि को खातेदारों में आवंटन कर दिया था। जबकि, शेष बची भूमि 20.27 एकड़ भूमि पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। ऐसे में देव नारायन की पत्नी प्रतिभा ने 18 अक्तूबर 2024 को नाम संशोधन के लिए आवेदन किया था।

वहीं, प्रतिभा के आवेदन के दूसरे दिन 19 अक्तूबर को नाम संशोधन भी हो गया। 5 नवंबर 2024 को कुसुम पांडेय निवासी कोनी गोरखपुर के नाम बैनामा कर दिया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य पूनम गुप्ता की शिकायत पर जांच के बाद रजिस्ट्रार कानूनगो मनोज कुमार श्रीवास्तव ने 16 नवंबर को खतौनी से सभी खरीदारों का नाम हटा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed