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Maharajganj News: कमीशन की बुनियाद पर दलालों का नेटवर्क, खून चूस कर हो रहे मालामाल

Sun, 10 Sep 2023 01:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Sep 2023 01:19 AM IST
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Network of brokers based on commission, getting rich by sucking blood
कमीशन की बुनियाद पर दलालों का नेटवर्क, खून चूस कर हो रहे मालामाल
अस्पताल की बदहाल व्यवस्था से दलालों की भर रही झोली, सस्ते इलाज के चक्कर में पीस रहे मरीज
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दवा से लेकर जांच कराने में मरीजों की जेब दलाल कर देते हैं खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कमीशन की मजबूत बुनियाद पर दलालों का नेटवर्क खड़ा है। दवा खरीदवाने से लेकर खून की जांच कराने में दलाल मरीजों की जेब खाली कर देते हैं और खूद मालामाल हो रहे हैं। अस्पताल की बदहाल व्यवस्था से दलालों की झोली भरने में मददगार साबित हो रही है। सस्ते इलाज के चक्कर में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। जल्दी स्वस्थ होने के लिए मरीज भी महंगा इलाज कराने को विवश हो जाते हैं। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी दलालों को नहीं पकड़ पा रहे हैं।
दलालों के पूरे नेटवर्क को समझने के लिए शनिवार को जिला अस्पताल में तीन युवकों को मरीज बनाकर अंदर भेजा गया। पर्ची काउंटर पर मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में भी मरीज इलाज कराने के लिए मरीज कतार में खड़े रहे। मरीज बनकर गए युवक कतार में खड़े हो गए। करीब 20 मिनट बाद नंबर आया तो पर्ची कटी। इसके बाद युवक अलग-अलग डॉक्टर के कक्ष में पर्ची लेकर गए। यहीं से दलालों का खेल शुरू हो गया। एक दलाल ने कहा कि जल्दी दिखाना है कि पर्चा मुझे दीजिए। कतार में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। उस दलाल ने पर्चा ले लिया। डॉक्टर के कक्ष में घुस गया और मजह दो मिनट के अंदर भीड़ में ही बुला लिया। डॉक्टर ने दवा लिखने के साथ ही अलग पर्ची पर खून की जांच कराने के लिए लिख दिया। दलाल बाहर निकला और कहा कि भैया चलिए और जांच करा देते हैं। उसी लैब की रिपोर्ट को ही डॉक्टर साहब मानेंगे। पर्चा लेकर गया और जांच करवाई। 800 रुपये लेने के बाद जांच रिपोर्ट मिली।
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इसी तरह से दूसरे मरीज को डॉक्टर ने दवा लिखने के बाद एक्सरे लिखा। वह पर्चा लेकर एक्सरे कक्ष की ओर पहुंचा तो यहां डिजिटल एक्सरे मशीन खराब बताई गई। मैनुअल एक्सरे मशीन को ठीक कराया जा रहा था। कुछ देर रुकने के दौरान यहां भी दलाल मिल गया, उसने कहा कि बाहर से करा लीजिए 300 में अच्छे ढंग से एक्सरे करा दूंगा। वह बाहर अपने परिचित के एक्सरे सेंटर पर ले जाकर एक्सरे कराया।
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इसी तरह से दवा खरीदवाने में भी दलालों ने कमीशन तय कर रखा है। पर्चा लेकर वह दुकान पर ले जाकर दवा खरीदवा देंगे। जितनी रकम होती है, उसका 20 से 30 प्रतिशत कमीशन लेते हैं। इसी तरह से जांच का रेट भी तय है। अगर लैब से 1000 रुपये की जांच है तो उसका 50 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों को जाता है। हालांकि दलालों के मकड़जाल में सभी डॉक्टर नहीं है। कुछ ऐसे हैं, जो ईमानदार डॉक्टरों की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।
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सीसीटीवी कैमरे भी नहीं पकड़ पा रहे दलालों को
जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उसके जरिए निगरानी की जाती है। इसके बाद भी दलालों की पैठ इतनी गहरी है कि वे अपना काम धड़ल्ले से कर रहे हैं। उनको कोई रोकने टोकने वाला नहीं है। ओपीडी में इधर-उधर मंडराते रहते हैं, मौका देखकर मरीज से बातचीत कर अपना काम बना लेते हैं।
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जल्दी ठीक होना है तो बाहर की दवा लिख दूं
ओपीडी में मरीजों की खचाखच भीड़ लगी रही। एक मरीज अपनी परेशानी बता रहा था। उसे बुखार एवं बदन में दर्द समेत अन्य समस्या थी। डॉक्टर उसकी पूरी बात तो गहनता के साथ सुनने के साथ ही धीरे से बोले की जल्दी ठीक होना है तो बाहर की दवा लिख दूं। मरीज ने भी तुरंत कह दिया, बहुत परेशान हो गया हूं। अच्छी दवा लिख दीजिए ठीक रहेगा। सादे पर्चे पर दवा लिखकर मरीज को दे दी। बाहर निकलते ही सस्ते में दवा दिलाने की बात करते हुए दलाल अनुरोध करने लगा। करीब पांच मिनट की बात में मरीज उसकी बात में फंस कर उसके साथ दवा खरीदने चला गया।
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डॉक्टर के कक्ष में बीपी नाप रहा था दलाल, नहीं हुई कार्रवाई
जिला अस्पताल में करीब एक माह पहले दलाल डॉक्टर के कक्ष में बीपी नाप रहा था। उस वक्त डॉक्टर कक्ष में नहीं थे। मामला सामने आने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
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बचने के लिए पर्चा लेकर घूमते हैं दलाल
- जिला अस्पताल में दलाल अपने बचाव के लिए एक रुपये की पर्ची कटवा लेते हैं। अगर कोई उनसे पूछता है तो वह बताते हैं कि इलाज कराने आया हूं। यह व्यवस्था बनाकर अपना बचाव करते हैं। जब तक वह अस्पताल में रहता है, तब तक पर्चा साथ में लिए रहता है।
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पेट में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने जांच कराने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। कक्ष में आने पर पता चला कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर छुट्टी पर हैं। बाहर जाकर रकम देकर अल्ट्रासाउंड करानी पड़ेगी।
नीरजा, निवासी चौतरवा
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बलगम आ रहा है। लगभग आधे घंटे से परेशान हूं। एक्सरे मशीन खराब है। बाहर से ज्यादा रकम देकर एक्स रे कराना पड़ेगा।
जगदीश, निवासी दमकी
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बीते चार दिनों से बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने खून की जांच के लिए लिखा है, जब लैब में खून जांच कराने पहुंचा तो बताया गया कि जांच नहीं होगी। बाहर से पांच सौ रुपये में जांच कराई।
राजेश कुमार, निवासी बड़हरामीर
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अपने नाती धनंजय को दिखाने आया तो डॉक्टर ने खून जांच के लिए लिखा है। 550 रुपये देकर खून की जांच कराया हूं। अस्पताल में एक युवक मिला, उसी के साथ निजी लैब में जांच कराने गया था।
मुन्नी लाल, निवासी बरातगाड़ा
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अस्पताल में दवा पर्याप्त है। डॉक्टर बाहर की दवा नहीं लिखते हैं। राउंड लेकर अनाधिकृत रूप से घूमने वालों को बाहर किया जाता है। अगर ऐसी बात सामने आ रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
--डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्साअधीक्षक
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