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नेपाल के नए नियम से भारत से निर्यात हुआ प्रभावित
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नेपाल के नए नियम से भारत से निर्यात हुआ प्रभावित
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल में नए नियम से भारत से निर्यात प्रभावित हुआ है। सोनौली सीमा से रोजाना 500 से 650 के आसपास माल वाहक वाहन नेपाल जाते थे, लेकिन कुछ दिनों से इनकी संख्या में काफी कमी आई है। अब औसतन 200 के आस-पास ही मालवाहक वाहन नेपाल जा रहे हैं। इस कारण सोनौली सीमा पर कभी-कभी सन्नाटा पसर जा रहा है।
भैरहवा भंसार कार्यालय सूचना प्रवक्ता पासवान ने बताया कि नेपाल राष्ट्र बैंक के नए नियम के तहत समान व्यापारी कम मंगा रहे हैं। पहले नेपाली व्यापारी भारत से उधार माल मंगा कर बाद में उसका भुगतान डीडी या आरटीजीएस के जरिए करते थे, अब नए नियम के अनुसार एलसी के जरिए (लेटर ऑफ क्रेडिट) पेमेंट अनिवार्य कर दिया गया है। इस कारण व्यापारियों ने ऑर्डर रोक दिया है। बताया जा रहा है व्यापारियों रेट कम लगवा कर माल नेपाल मंगवाते थे। इस कारण नेपाल के वित्त मंत्रालय की पहल पर नेपाल राष्ट्र बैंक ने 20 दिसंबर से नया नियम बनाया।
फल सब्जी और अनाज को छोड़कर सैकड़ों आइटम पर सख्ती
फल सब्जी और खाद्य सामान को छोड़कर भारत से आयातित करीब एक सौ के करीब सामान के लिए यह नियम लगाया गया है। उनमें टाइल्स व मार्बल प्रमुख हैं।
छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर, पूंजीपतियों को होगा फायदा
नेपाल सरकार के इस फैसले के बाद नेपाल के व्यापारियों ने भारत से माल मंगवाना बंद कर बैंकों का रुख किया है। भैरहवां के व्यापारी सोहन लाल अग्रवाल ने बताया कि इस नए नियम से छोटे व्यापारियों पर खराब असर पड़ेगा और पूंजीपतियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले नेपाल का व्यापारी एक-दो लाख जेब में रख कर दिल्ली, गुजरात से माल लेकर आता था और कस्टम करवाकर नेपाल में व्यापार कर लेता था। अब बैंक में एलसी के माध्यम में दस दिन लग जाएंगे। अब किसी आवश्यक वस्तु की तत्काल डिलिवरी के लिए परेशानी होगी। सोनौली ट्रांसपोर्ट एंड एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन गुप्ता ने बताया कि नेपाल में एलसी की बाध्यता के कारण नेपाल पार्टी ने लोडिंग रोक दी है। प्रतिदिन 650 के करीब गाड़ियां जाती थीं, वे अब 150 के करीब रह गई हैं।
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सोनौली (महराजगंज)। नेपाल में नए नियम से भारत से निर्यात प्रभावित हुआ है। सोनौली सीमा से रोजाना 500 से 650 के आसपास माल वाहक वाहन नेपाल जाते थे, लेकिन कुछ दिनों से इनकी संख्या में काफी कमी आई है। अब औसतन 200 के आस-पास ही मालवाहक वाहन नेपाल जा रहे हैं। इस कारण सोनौली सीमा पर कभी-कभी सन्नाटा पसर जा रहा है।
भैरहवा भंसार कार्यालय सूचना प्रवक्ता पासवान ने बताया कि नेपाल राष्ट्र बैंक के नए नियम के तहत समान व्यापारी कम मंगा रहे हैं। पहले नेपाली व्यापारी भारत से उधार माल मंगा कर बाद में उसका भुगतान डीडी या आरटीजीएस के जरिए करते थे, अब नए नियम के अनुसार एलसी के जरिए (लेटर ऑफ क्रेडिट) पेमेंट अनिवार्य कर दिया गया है। इस कारण व्यापारियों ने ऑर्डर रोक दिया है। बताया जा रहा है व्यापारियों रेट कम लगवा कर माल नेपाल मंगवाते थे। इस कारण नेपाल के वित्त मंत्रालय की पहल पर नेपाल राष्ट्र बैंक ने 20 दिसंबर से नया नियम बनाया।
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फल सब्जी और अनाज को छोड़कर सैकड़ों आइटम पर सख्ती
फल सब्जी और खाद्य सामान को छोड़कर भारत से आयातित करीब एक सौ के करीब सामान के लिए यह नियम लगाया गया है। उनमें टाइल्स व मार्बल प्रमुख हैं।
छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर, पूंजीपतियों को होगा फायदा
नेपाल सरकार के इस फैसले के बाद नेपाल के व्यापारियों ने भारत से माल मंगवाना बंद कर बैंकों का रुख किया है। भैरहवां के व्यापारी सोहन लाल अग्रवाल ने बताया कि इस नए नियम से छोटे व्यापारियों पर खराब असर पड़ेगा और पूंजीपतियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले नेपाल का व्यापारी एक-दो लाख जेब में रख कर दिल्ली, गुजरात से माल लेकर आता था और कस्टम करवाकर नेपाल में व्यापार कर लेता था। अब बैंक में एलसी के माध्यम में दस दिन लग जाएंगे। अब किसी आवश्यक वस्तु की तत्काल डिलिवरी के लिए परेशानी होगी। सोनौली ट्रांसपोर्ट एंड एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन गुप्ता ने बताया कि नेपाल में एलसी की बाध्यता के कारण नेपाल पार्टी ने लोडिंग रोक दी है। प्रतिदिन 650 के करीब गाड़ियां जाती थीं, वे अब 150 के करीब रह गई हैं।
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