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Maharajganj News: न डिग्री और न पंजीकरण, संचालित हो रहा क्लीनिक, खतरे में मरीजों की जान

Thu, 19 Oct 2023 01:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 01:12 AM IST
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Neither degree nor registration, clinic is running, patients' lives in danger
न डिग्री और न पंजीकरण, संचालित हो रहा क्लीनिक, खतरे में मरीजों की जान
श्यामदेउरवा क्षेत्र में एक क्लीनिक संचालित हो रहा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को पत्र भेजा
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तीन दिन पहले परतावल क्षेत्र के एक अवैध अस्पताल में बच्चे की मौत पर संचालक समेत दो लोगों को भेजा जा चुका है जेल
-अवैध अस्पताल पर प्रभावी कार्रवाई के दावे हवा-हवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में डॉक्टर बने मुन्ना भाई पर शिकंजा कसने में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सफल नहीं है। बार-बार कार्रवाई के बाद भी अवैध रूप से चल रहे अस्पताल बंद कराने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। श्यामदेउरवा क्षेत्र में एक क्लीनिक संचालित हो रहा है, उसका न तो पंजीकरण है और न ही कोई डिग्रीधारी डॉक्टर है। मरीजों की जान खतरे में रहती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल के अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को पत्र भेजा है। गनीमत है कि उस क्लीनिक में दवा कराने से अभी किसी की मौत नहीं हुई है। परतावल क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद संचालक समेत दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
सूत्र बताते हैं कि परतावल क्षेत्र के परतावल चौक, महादेवा, हरपुर तिवारी, मंगलपुर, छपिया, श्यामदेउरवां, गोधवल आदि जगहों पर अवैध रूप से अस्पताल संचालित हो रहे हैं। गली मोहल्ले में शटर के अंदर अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इन पर विभाग के अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल के अधीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी ने थानाध्यक्ष को पत्र भेजा है। पत्र के अनुसार, अवैध रूप से श्यामदेउरवा में क्लीनिक संचालित किया जा रहा है।
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बीते दिनों की इसकी जांच हुई। जांच में टीम द्वारा निरीक्षण के समय मौके पर किसी प्रकार की डिग्री नहीं मिली। औषधियों का वितरण किया जा रहा था। निरीक्षण के समय चिकित्सकीय डिग्री के संबंध में पूछने पर अवगत कराया गया कि उनके द्वारा वैद्य का कार्य कई वर्षों से किया जा रहा है, एवं उनका लड़का आयुर्वेद से डिग्री प्राप्त है। टीम द्वारा आयुर्वेद डिग्री एवं पंजीयन से संबंधी प्रमाणपत्र दिखाने को कहा गया, लेकिन उनके द्वारा नहीं दिखाया गया।
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प्रतिष्ठान के पिछले कमरे में एलोपैथ की औषधियां पाई गईं, जहां एक कर्मी वितरण कर रहा था। जांच में पाया गया कि क्लीनिक संचालित करने वाले व्यक्ति द्वारा श्यामदेउरवा में बिना किसी डिग्री एवं पंजीयन के क्लीनिक संचालित की जा रही है। प्रतिष्ठान के पास किसी भी प्रकार का कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी महराजगंज की तरफ से प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।
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केस नंबर एक
16 अक्तूबर को महराजगंज जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान पहले बच्चे और फिर बाद में मां की मौत हो गई। पहले से उसने परतावल कस्बे में एक निजी अस्पताल में इलाज कराया था, तबीयत ज्यादा खराब होने पर जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल ले जाया गया था।

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केस नंबर दो
परतावल कस्बे के एक निजी अस्पताल में प्रसव पीड़िता को भर्ती कराया गया। 12 अक्टूबर की देर रात लगभग 11 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया। थोड़ी ही देर बाद बच्चे मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल को सील कर दिया गया। आरोपी अस्पताल संचालक व कथित डाॅक्टर को जेल भेजा जा चुका है।


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एक साल पहले अवैध अस्पताल में प्रसूता की हुई मौत

श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के पुरैना निवासी कुसुम (40) का ऑपरेशन एक वर्ष पहले हरपुर तिवारी के सियरहीभार स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद उसकी मौत हो गई थी। जानकारी होने पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू किया तो अस्पताल संचालक और कर्मचारी फरार हो गए। श्यामदेउरवां क्षेत्र के पुरैना निवासी कुसुम अपने मायके तरकुलवां गई हुई थीं। एक सितंबर 2022 को उनके पेट में दर्द हुआ। परिजन सियरहीभार रोड पर एक निजी अस्पताल में ले गए। डॉक्टर ने जांच की तो पेट में पथरी होने की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने के लिए कहा, और महिला को भर्ती कर लिया। अगले दिन सुबह ऑपरेशन हुआ और दोपहर में उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। जांच में पता चला कि बिना पंजीकरण अस्पताल संचालित किया जा रहा था। अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपी डाॅक्टर को जेल भेज दिया गया है।
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श्यामदेउरवां चौराहे पर अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक को बंद कराने के लिए श्यामदेउरवां थाने में पत्र भेजा गया है। जांच में पंजीकरण नहीं मिला।
-डाॅ. राजेश द्धिवेदी, अधीक्षक, सीएचसी परतावल
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को बंद कराने से संबंधित पत्र मिला है। यदि स्वास्थ्य विभाग की टीम बंद कराने जाती है, तो उनका सहयोग किया जाएगा।
-धर्मेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष, श्यामदेउरवा
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