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Maharajganj News: मां का सज रहा दरबार, कल से गूंजेंगे घंटे-घड़ियाल
Mon, 08 Apr 2024 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 08 Apr 2024 12:16 AM IST
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महराजगंज। मंगलवार से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। देवी मंदिरों की साफ-सफाई शुरू हो गई है। बड़े मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
जिले के आद्रवन, फरेंदा में मां लेहड़ा देवी मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। महराजगंज दुर्गा मंदिर, मऊपाकड़ सहित अन्य मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत खरमास में हो रही है। खरमास की शुरुआत 14 मार्च से हो चुकी है, जो 13 अप्रैल को समाप्त होगा। वहीं नवरात्रि की महानवमी 17 को मनाई जाएगी।
पंडित विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि इस बार मां दुर्गा के भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन तक उपवास करेंगे। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना होती है। पंचांग के अनुसार, नौ अप्रैल को सुबह 6.24 से सुबह 10.28 बजे तक कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त है। इस दौरान घरों में स्थापना कर लेना चाहिए। इस वर्ष कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इस दिन अभिजीत मुहूर्त में अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग से अद्भुत योग का निर्माण होगा।
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अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.3 बजे से शुरू होगा जो 12.54 बजे तक रहेगा। अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग मंगलवार को ही सुबह 7.32 बजे से लेकर पूरे दिन तक रहेगा। 17 अप्रैल को भगवान राम का जन्मोत्सव और हवन तथा कन्याओं को भोजन कराने का समय शाम तीन बजे तक रहेगा। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी।
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घोड़े पर होगा मां का आगमन, हाथी पर करेंगी प्रस्थान
ज्योतिषाचार्य शरदेंदु पांडेय कहते हैं कि देवी भागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के दौरान वाहन का विशेष महत्व होता है। मां का प्रस्थान हाथी पर होगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। माता के आगमन का वाहन घोड़ा है। घोड़े पर सवार होकर माता रानी का आगमन शुभ नहीं माना जाता है। इससे कई गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। जब नवरात्रि में आगमन घोड़े पर होता है तो समाज में अस्थिरता, तनाव अचानक बड़ी दुर्घटना, भूकंप, चक्रवात, आपदा, युद्ध आदि की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है।
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जिले के आद्रवन, फरेंदा में मां लेहड़ा देवी मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। महराजगंज दुर्गा मंदिर, मऊपाकड़ सहित अन्य मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत खरमास में हो रही है। खरमास की शुरुआत 14 मार्च से हो चुकी है, जो 13 अप्रैल को समाप्त होगा। वहीं नवरात्रि की महानवमी 17 को मनाई जाएगी।
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पंडित विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि इस बार मां दुर्गा के भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन तक उपवास करेंगे। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना होती है। पंचांग के अनुसार, नौ अप्रैल को सुबह 6.24 से सुबह 10.28 बजे तक कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त है। इस दौरान घरों में स्थापना कर लेना चाहिए। इस वर्ष कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इस दिन अभिजीत मुहूर्त में अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग से अद्भुत योग का निर्माण होगा।
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अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.3 बजे से शुरू होगा जो 12.54 बजे तक रहेगा। अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग मंगलवार को ही सुबह 7.32 बजे से लेकर पूरे दिन तक रहेगा। 17 अप्रैल को भगवान राम का जन्मोत्सव और हवन तथा कन्याओं को भोजन कराने का समय शाम तीन बजे तक रहेगा। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी।
घोड़े पर होगा मां का आगमन, हाथी पर करेंगी प्रस्थान
ज्योतिषाचार्य शरदेंदु पांडेय कहते हैं कि देवी भागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के दौरान वाहन का विशेष महत्व होता है। मां का प्रस्थान हाथी पर होगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। माता के आगमन का वाहन घोड़ा है। घोड़े पर सवार होकर माता रानी का आगमन शुभ नहीं माना जाता है। इससे कई गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। जब नवरात्रि में आगमन घोड़े पर होता है तो समाज में अस्थिरता, तनाव अचानक बड़ी दुर्घटना, भूकंप, चक्रवात, आपदा, युद्ध आदि की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है।