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Maharajganj News: दस दिन देरी से आया मानसून, झमाझम हुई बारिश, रोपाई में तेजी
Sat, 01 Jul 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 01 Jul 2023 01:11 AM IST
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नौतनवां क्षेत्र के खोरिया बाजार सिवान में रोपाई करती महिलाएं।संवाद
तीन से चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना, पूरवा हवा चलेगी, 25 एमएम हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस बार मानसून दस दिन से देरी से आया है। अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। अलग-अलग स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। चार साल में इस बार जून में औसत से कम बारिश हुई है। पूरवा हवा चलेगी। नमी भी 60 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगी।
जिलेभर में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ही किसानों ने धान रोपाई तेज कर दी है। कुछ ग्रामीण इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। कुल मिलाकर यह बारिश किसानी के लिहाज से फायदेमंद है। नेपाल के सीमावर्ती गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ, शेख फरेंदा, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, सुंडी आदि गांवों के किसान बारिश होने से खुश हैं।
किसान उमाशंकर यादव, प्रभु दयाल गुप्ता, उमेश, हमीद, विनोद, रघुनाथ आदि ने कहा कि बृहस्पतिवारकी रात से बारिश हो रही है। जिले में करीब 1.50 लाख हेक्टेयर धान की खेती का लक्ष्य है। अब तक महज 30 प्रतिशत धान की रोपाई हुई। जिले में करीब 4.88 लाख किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हैं। इसके अलावा अन्य किसान भी खेती करते हैं। किसानों ने बताया कि खेत में पानी नहीं रुका है, लेकिन पंपिंग सेट से पानी चलाने पर कम समय लगेगा। जमीन नम होने से इसका फायदा मिल रहा है। इसी तरह से रुक-रुक कर बारिश होती रही तो रोपाई में आसानी रहेगी।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूरवा हवा चलेगी। जिले में रुक-रुक कर अलग-अलग स्थानों पर बारिश होती रहेगी। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम 22 से 25 डिग्री के बीच रहेगा। इस बार मानसून दस दिन बाद आया है। 24 घंटे में जिले में 25 एमएम बारिश हुई है।
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बारिश से बेहन भी हरी-भरी हो जाएगी
कृषि विज्ञान केंद्र मनिकापुर गोंडा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने कहा कि वर्तमान में हुई बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी है। मौजूदा समय में धान की रोपाई के लिए बारिश उपयुक्त है। खेती के लिहाज से अच्छी बारिश हुई है। यह धान व गन्ने की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। बारिश से बेहन भी हरी-भरी हो जाएगी। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2018 में जून में 18.3 एमएम बारिश हुई थी। यह बारिश औसत से 90 प्रतिशत कम थी। पांच साल बाद अब औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश जून में हुई है। एक से 30 जून तक 45.1 एमएम बारिश हुई। 135.3 एमएम औसत बारिश होनी चाहिए। इस वजह से 67 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
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फोटो
करीब 20 एकड़ में गन्ने की फसल लगा रखी है। गन्ने की खेती में अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। बारिश की वजह से गन्शे की बढ़त तेजी से होगी। इसके अलावा उत्पादन भी ज्यादा होगा। इस समय बारिश होना किसानों के लिए बेहद लाभकारी है।
-इजहार अली, किसान, मिश्रवलिया
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फोटो
बारिश से फसलों को फायदा होगा। सबसे अधिक फायदा गन्ने व धान की फसल को होगी। जिले में धान के साथ गन्ने की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। बारिश होने से गन्ने की बढ़ोत्तरी के साथ उसकी मिठास भी बढ़ेगी। गन्ने के अलावा धान की फसल की सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-ऋषिकेश यादव, किसान, खोन्हौली
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस बार मानसून दस दिन से देरी से आया है। अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। अलग-अलग स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। चार साल में इस बार जून में औसत से कम बारिश हुई है। पूरवा हवा चलेगी। नमी भी 60 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगी।
जिलेभर में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ही किसानों ने धान रोपाई तेज कर दी है। कुछ ग्रामीण इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। कुल मिलाकर यह बारिश किसानी के लिहाज से फायदेमंद है। नेपाल के सीमावर्ती गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ, शेख फरेंदा, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, सुंडी आदि गांवों के किसान बारिश होने से खुश हैं।
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किसान उमाशंकर यादव, प्रभु दयाल गुप्ता, उमेश, हमीद, विनोद, रघुनाथ आदि ने कहा कि बृहस्पतिवारकी रात से बारिश हो रही है। जिले में करीब 1.50 लाख हेक्टेयर धान की खेती का लक्ष्य है। अब तक महज 30 प्रतिशत धान की रोपाई हुई। जिले में करीब 4.88 लाख किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हैं। इसके अलावा अन्य किसान भी खेती करते हैं। किसानों ने बताया कि खेत में पानी नहीं रुका है, लेकिन पंपिंग सेट से पानी चलाने पर कम समय लगेगा। जमीन नम होने से इसका फायदा मिल रहा है। इसी तरह से रुक-रुक कर बारिश होती रही तो रोपाई में आसानी रहेगी।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूरवा हवा चलेगी। जिले में रुक-रुक कर अलग-अलग स्थानों पर बारिश होती रहेगी। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम 22 से 25 डिग्री के बीच रहेगा। इस बार मानसून दस दिन बाद आया है। 24 घंटे में जिले में 25 एमएम बारिश हुई है।
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बारिश से बेहन भी हरी-भरी हो जाएगी
कृषि विज्ञान केंद्र मनिकापुर गोंडा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने कहा कि वर्तमान में हुई बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी है। मौजूदा समय में धान की रोपाई के लिए बारिश उपयुक्त है। खेती के लिहाज से अच्छी बारिश हुई है। यह धान व गन्ने की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। बारिश से बेहन भी हरी-भरी हो जाएगी। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2018 में जून में 18.3 एमएम बारिश हुई थी। यह बारिश औसत से 90 प्रतिशत कम थी। पांच साल बाद अब औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश जून में हुई है। एक से 30 जून तक 45.1 एमएम बारिश हुई। 135.3 एमएम औसत बारिश होनी चाहिए। इस वजह से 67 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
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करीब 20 एकड़ में गन्ने की फसल लगा रखी है। गन्ने की खेती में अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। बारिश की वजह से गन्शे की बढ़त तेजी से होगी। इसके अलावा उत्पादन भी ज्यादा होगा। इस समय बारिश होना किसानों के लिए बेहद लाभकारी है।
-इजहार अली, किसान, मिश्रवलिया
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बारिश से फसलों को फायदा होगा। सबसे अधिक फायदा गन्ने व धान की फसल को होगी। जिले में धान के साथ गन्ने की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। बारिश होने से गन्ने की बढ़ोत्तरी के साथ उसकी मिठास भी बढ़ेगी। गन्ने के अलावा धान की फसल की सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-ऋषिकेश यादव, किसान, खोन्हौली