फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Mission Shakti campaign reduced dowry deaths

Maharajganj News: मिशन शक्ति अभियान से दहेज हत्या की घटनाओं में आई कमी

Wed, 22 Apr 2026 02:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
Mission Shakti campaign reduced dowry deaths
पुलिस लाइन में बहू-बेटी सम्मेलन पर एकदिवसीय कार्यशाला में पुलिस उप महानिरीक्षक शिवशिम्पी चनप्पा बोले
विज्ञापन

पुलिस उपाधीक्षक बसंत सिंह ने कार्यशाला का किया संचालन
महराजगंज। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में यूनिसेफ एवं पीजीएसएस के सहयोग से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बहू-बेटी सम्मेलन पर एकदिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन पुलिस उपाधीक्षक बसंत सिंह ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक शिवशिम्पी चनप्पा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नवनीत गोयल उपस्थित रहे। जनपद के सभी पुलिस सर्किलों के पुलिस उपाधीक्षक, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, महिला पुलिसकर्मी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, यूनिसेफ एवं पीजीएसएस के प्रतिनिधि तथा गैर-सरकारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि आईजी शिवशिम्पी चनप्पा ने यूनिसेफ का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण में थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। गोरखपुर जोन के एडीजी मुथा अशोक जैन द्वारा शुरू किया गया बहू-बेटी सम्मेलन मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से 35 वर्ष तक की विवाहित महिलाओं एवं 15-18 वर्ष की बालिकाओं के साथ संवाद का नवाचारी मॉडल है। उन्होंने कहा कि इस पहल से दहेज हत्या जैसे मामलों में कमी आई है तथा प्रभावी काउंसलिंग से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने थाना प्रभारियों एवं मिशन शक्ति केंद्र प्रभारियों को सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यशाला की शुरुआत अतिथियों को जीवित पौधे भेंट कर की गई। पीजीएसएस निदेशक फादर शाजी जोसेफ ने स्वागत संबोधन दिया। यूनिसेफ राज्य सलाहकार महर्षि अग्निहोत्री ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। कार्यशाला के बाद बहू-बेटी सम्मेलन से संबंधित माइक्रोप्लान तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

यूनिसेफ की पल्लवी राय ने आंकड़े क्या बताते हैं विषय पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के आंकड़ों एवं कारणों पर चर्चा की। मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह ने सम्मेलन की अवधारणा, कार्यप्रणाली तथा विभागीय समन्वय पर विस्तार से बताया। जेंडर विशेषज्ञ सुखपाल कौर ने पितृसत्ता, जेंडर आधारित हिंसा एवं पुरुषों की भूमिका पर प्रकाश डाला। विधि विशेषज्ञ आलिमा जैदी ने महिला-बाल संरक्षण कानूनों एवं न्यायालयीन फैसलों की जानकारी दी। कार्यशाला में सभी वक्ताओं ने विभागीय समन्वय, माइक्रोप्लान, काउंसलिंग एवं सकारात्मक कहानियों के प्रसार पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed