बांध के टूटने से गांव में घुसा महाव का पानी
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ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण बाढ़ का पानी अब उपजाऊ खेतों में रेत की मोटी परत बिछा रहा है। महाव में बढ़ा जलस्तर से बंधे पर कटान बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके कटान को भरने का कार्य अब तक नही हो सका है। रामबली, श्यामबली, बहादुर, लक्षमण चौधरी, भरत चौधरी, महातम मौर्या आदि ग्रामीणों का कहना है कि यदि नेपाल की पहाड़ियों पर तेज बारिश हुई तो नाला उफना जाएगा और बची खुची फसल भी नष्ट हो जाएगी। कहा कि जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग जान बूझकर कटान स्थल को नहीं भर रहा है।
ताकी नाले का जर्जर बांध अन्य जगह टूटने से बच जाय और विभागीय कर्मचारी अपनी नाकामी छुपा सके। गांववालों ने कहा कि अविलंब मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो मजबूर होकर आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा। सिंचाई खंड दो के सहायक अभियंता आरके पांडेय ने कहा कि जल्द ही कनरी-चकरार गांव के पास टूटे बांध को भर दिया जाएगा।