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Maharajganj News: परवान नहीं चढ़ पा रही महायोजना 2031, विकास की रफ्तार सुस्त
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- सर्वे व डिजाइनिंग के लिए प्रशासन को उपलब्ध करानी है 40 लाख की धनराशि, धन की कमी की वजह से आ रही समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर के सुनियोजित विकास के लिए बनने वाली महायोजना 2031 अभी भी नहीं बन सकी है। कारण कि महायोजना के लिए तैयार की जाने वाले ड्राइंग व अन्य कार्यों के लिए 40 लाख की धनराशि को जमा करना है। विनियमित क्षेत्र के पास उतना धन उपलब्ध नहीं है, जिससे जहां महायोजना के निर्माण में देरी हो रही है, वहीं सर्वे न होने से नगर के सुनियोजित विकास का सपना भी अधूरा रह गया है। महायोजना निर्माण के संबंध में मंगलवार को नया शासनादेश प्राप्त हुआ है। इससे इसके रफ्तार पकड़ने की संभावना है। शासनादेश के मुताबिक धन की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए सर्वे कंपनी को धनराशि भेजने का कार्य होगा।
महराजगंज को जिला मुख्यालय बने लगभग 34 वर्ष हो गए मगर अभी तक इसका सुनियोजित विकास नहीं हो सका है। अब तक न तो मुख्यालय के सभी मार्गों पर जलनिकासी की व्यवस्था हो पाई है और न ही नगर में पार्किंग आदि के लिए सुरक्षित स्थान है। इससे लोगों को जहां तहां अव्यवस्थित तरीके से अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ता है। जब तक महायोजना को लागू कराकर सर्वे व डिजाइन के मुताबिक कार्य नहीं कराया जाएगा तब तक विकास की सोच मूर्त रूप नहीं ले सकेगी।
शिवनगर के राजकुमार पांडेय ने कहा कि नगर के विकास के लिए आवश्यक पहल न होने से विकास के दृष्टि से जिला पिछड़ जाएगा। धनेवा के अजीत ने कहा कि महायोजना तैयार हो जाए तो नगर के साथ-साथ जिले के विकास को गति मिलेगी।
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40 लाख की धनराशि नहीं मिलने से आ रही समस्या
महायोजना के लिए बनाई जाने वाली ड्राइंग आदि कार्यों के लिए 40 लाख रुपये की धनराशि को संयुक्त नियोजक कार्यालय के माध्यम से सर्वे करने वाली एजेंसी को भेजा जाना है। विनियमित क्षेत्र में धन न होने की वजह से न तो सर्वे करने वाली कंपनी को धनराशि जा सकी और न ही सर्वे व डिजाइनिंग का कार्य हो सका।
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2021 की योजना के कार्य ही रह गए अधूरे
महायोजना 2021 के निर्माण में लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने व मुश्किलों को कम करने के लिए नगर के चारों तरफ रिंग रोड बनाने की योजना थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। नगर को ग्रीन बेल्ट में विकसित करने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका। साथ ही हर वार्ड में पार्क आदि के विकास का कार्य भी ठप पड़ा है।
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महायोजना के बनने से यह होगा लाभ
- नगर क्षेत्र में भूमि का आवासीय विस्तार होगा
- जो भूमि व्यावसायिक नहीं है, उस पर आपत्ति लेकर व्यावसायिक घोषित किया जाएगा
- नगर को सुविधाओं के विकास के दृष्टि से सुनियोजित ढंग से विकसित करने में मदद मिलेगी
- अवस्थापना विकास शुल्क के रूप में राजस्व बढ़ेगा
- नगर के स्वरूप को बदलने में मदद मिलेगी
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महायोजना निर्माण के संबंध में मंगलवार को नया शासनादेश प्राप्त हुआ है। उसके मुताबिक धन की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए सर्वे कंपनी को धनराशि भेजने का कार्य होगा।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर के सुनियोजित विकास के लिए बनने वाली महायोजना 2031 अभी भी नहीं बन सकी है। कारण कि महायोजना के लिए तैयार की जाने वाले ड्राइंग व अन्य कार्यों के लिए 40 लाख की धनराशि को जमा करना है। विनियमित क्षेत्र के पास उतना धन उपलब्ध नहीं है, जिससे जहां महायोजना के निर्माण में देरी हो रही है, वहीं सर्वे न होने से नगर के सुनियोजित विकास का सपना भी अधूरा रह गया है। महायोजना निर्माण के संबंध में मंगलवार को नया शासनादेश प्राप्त हुआ है। इससे इसके रफ्तार पकड़ने की संभावना है। शासनादेश के मुताबिक धन की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए सर्वे कंपनी को धनराशि भेजने का कार्य होगा।
महराजगंज को जिला मुख्यालय बने लगभग 34 वर्ष हो गए मगर अभी तक इसका सुनियोजित विकास नहीं हो सका है। अब तक न तो मुख्यालय के सभी मार्गों पर जलनिकासी की व्यवस्था हो पाई है और न ही नगर में पार्किंग आदि के लिए सुरक्षित स्थान है। इससे लोगों को जहां तहां अव्यवस्थित तरीके से अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ता है। जब तक महायोजना को लागू कराकर सर्वे व डिजाइन के मुताबिक कार्य नहीं कराया जाएगा तब तक विकास की सोच मूर्त रूप नहीं ले सकेगी।
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शिवनगर के राजकुमार पांडेय ने कहा कि नगर के विकास के लिए आवश्यक पहल न होने से विकास के दृष्टि से जिला पिछड़ जाएगा। धनेवा के अजीत ने कहा कि महायोजना तैयार हो जाए तो नगर के साथ-साथ जिले के विकास को गति मिलेगी।
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40 लाख की धनराशि नहीं मिलने से आ रही समस्या
महायोजना के लिए बनाई जाने वाली ड्राइंग आदि कार्यों के लिए 40 लाख रुपये की धनराशि को संयुक्त नियोजक कार्यालय के माध्यम से सर्वे करने वाली एजेंसी को भेजा जाना है। विनियमित क्षेत्र में धन न होने की वजह से न तो सर्वे करने वाली कंपनी को धनराशि जा सकी और न ही सर्वे व डिजाइनिंग का कार्य हो सका।
2021 की योजना के कार्य ही रह गए अधूरे
महायोजना 2021 के निर्माण में लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने व मुश्किलों को कम करने के लिए नगर के चारों तरफ रिंग रोड बनाने की योजना थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। नगर को ग्रीन बेल्ट में विकसित करने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका। साथ ही हर वार्ड में पार्क आदि के विकास का कार्य भी ठप पड़ा है।
महायोजना के बनने से यह होगा लाभ
- नगर क्षेत्र में भूमि का आवासीय विस्तार होगा
- जो भूमि व्यावसायिक नहीं है, उस पर आपत्ति लेकर व्यावसायिक घोषित किया जाएगा
- नगर को सुविधाओं के विकास के दृष्टि से सुनियोजित ढंग से विकसित करने में मदद मिलेगी
- अवस्थापना विकास शुल्क के रूप में राजस्व बढ़ेगा
- नगर के स्वरूप को बदलने में मदद मिलेगी
महायोजना निर्माण के संबंध में मंगलवार को नया शासनादेश प्राप्त हुआ है। उसके मुताबिक धन की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए सर्वे कंपनी को धनराशि भेजने का कार्य होगा।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी