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Maharajganj News: सदर कोतवाली में मामले की पैरवी कर दलाली लेता था मासूम रजा

Tue, 19 Sep 2023 01:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2023 01:19 AM IST
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Masoom Raza used to take commission by defending the case in Sadar Kotwali
फोटो
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जेल जाने के बाद उसके काले कारनामे की पोल खोल रहे लोग, झांसा देकर अपने प्रभाव में लेने की थी आदत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दुष्कर्म, छेड़छाड़, हत्या, मारपीट के आरोपों में जेल गए भाजपा नेता राही मासूम रजा के कारनामे अब लोग बयां कर रहे हैं। शहर में उसके कारनामे की चर्चा खूब हो रही है। लोगों के अनुसार रजा कोतवाली में दलाली करता था। हर छोटे बडे़ मामले की पैरवी की पैसों की वसूली करता था। पुलिस वालों से उसकी अच्छी बनती थी। उधर, पीड़िता ने भी राहत की सांस ली है। आरोपी को जेल जाने के बाद वह अपनी बहनों के साथ आसरा आवास में जीवन गुजर बसर कर रही है।
एक व्यक्ति ने बताया कि जमीन के मामले में विवाद हुआ था तो पैरवी कराने के लिए पांच हजार दिए थे। एक सप्ताह के अंदर काम हो गया था। शुरुआत में इधर-उधर भटक रहा था। रजा से संपर्क हुआ तो काम बन गया। दो भाइयों के बीच बंटवारे में विवाद हुआ था। मामले को सुलझवाने के लिए रजा ने 10 हजार रुपये लिए थे। उससे मामला बताने के विवाद सुलझ गया। कोतवाली का कई दिन चक्कर लगाने के बाद रजा से संपर्क बनाया था। यह कुछ बानगी है कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष राही मासूम रजा के कारनामों के। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बहुत लंबे समय से रजा मामलों की पैरवी के लिए पैसे लेता था।
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पैसा पाने के बाद वह मामले को सुलझा देता था। उसके पास हर स्तर की व्यवस्था थी। शासन सत्ता में अपनी पहुंच का फायदा उठाते हुए वह काम करा देता था। छोटे-मोटे मामले में भी उसकी दखल रहती थी। बातचीत के दौरान मुहल्ले के लोगों ने बताया कि ऐसी हरकत उसने पहले कभी नहीं की थी, यह मामला सामने आने के बाद उसका असल चरित्र सामने आ गया। शुरुआत से ही वह अपना प्रभाव बनाने के लिए शासन सत्ता के करीब रहता था। सरकार बदली तो उसने भाजपा में भी जुगाड़ बना लिया। अपने कला कौशल से पार्टी के नेताओं को प्रभाव में लेकर अल्पसंख्यक मोर्चा का जिलाध्यक्ष भी बन गया था। बातचीत के जरिए वह अपनी बात इतने प्रभावी ढंग से रखता था कि उसकी झूठी बातें भी सही लगतीं थीं। पुलिस से सांठगांठ बेहतर रहे, इसके लिए उसने पुलिसकर्मियों को किराए पर कमरा भी दिया था। उसकी मदद के आरोप में एक सिपाही जेल भी जा चुका है।
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पुलिस सूत्र बताते हैं कि वह मामलों को लेकर कोतवाली में जाता था। काम कराने के एवज में मोटी रकम लेता था। पीड़ितों को अपने झांसे में लेकर मामला निस्तारित कराने की गांरटी लेता था। उसकी कथनी करनी को लोग बता रहे हैं, उसको जेल जाने के बाद भी कारनामों की चर्चा हो रही है। सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं ने अब जाकर चैन की सांस ली है। कुछ दिन पहले उनको लग रहा था की कहीं वे ही न फंस जाए। पुलिस इन दिनों उसके बारे में कुछ जरूरी जानकारी जुटा रही है। उसने संपत्ति कैसे बनाई है, इसके बारे में भी जांच की जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि यहीं कारण है कि जिस जमीन पर घर बनवाया, वह दूसरे की जमीन है, लेकिन उसने विरोध नहीं किया। वह आराम से घर बनवाकर किराए पर दे दिया। अधिकारियों की जांच में मकान बगैर नक्शा पास हुए बनना पाया गया है। अभी आरोपी ओर से नोटिस का जवाब भी नहीं भेजा गया है।
सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी जेल जा चुका है। केस की विवेचना की जा रही है।
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