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साली से साथ रचा ली शादी, देखते रह गए जिम्मेदार
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साली से साथ रचा ली शादी, देखते रह गए जिम्मेदार
महराजगंज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़झाला की पोल खुलकर सामने आ गई है। गत 13 अक्तूबर को हुए सामूहिक विवाह समारोह में कोल्हुई क्षेत्र का शादीशुदा व्यक्ति अपनी साली से शादी से रचा ली। लेकिन, अधिकारियों को इसकी भनक भी नहीं लगी। शिकायत मिलते ही इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने पर प्रति जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च होते हैं और वधू को 35 हजार रुपये के चेक मिलते हैं। जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र के बड़िहारी गांव का एक शादीशुदा व्यक्ति अपनी साली के साथ विवाह कर लिया। शादीशुदा व्यक्ति के बच्चे भी हैं। लेकिन, बावजूद इसके सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी के लिए पंजीकरण कराने के बाद साली से शादी भी कर ली। शादी समारोह में उसको जो उपहार मिला, उसे भी लेकर चला गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पांडेय ने बताया कि ऐसी शिकायत मिली है। इसकी सत्यता की जांच शुरू कर दी गई है। इसमें जो भी कुसूरवार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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परेशान हो गए जिम्मेदार
सामूहिक शादी समारोह में यह गड़बड़ी सामने आई तो जिम्मेदारों को पसीना आने लगा। योजना के तहत सरकार गरीबों की शादी कराने के लिए प्रति जोड़ा 51 हजार की रकम खर्च करती है। पंजीकरण के बाद इसकी पात्रता का सत्यापन भी कराया जाता है। लेकिन, हैरत की बात है कि साली से शादी रचाने वाले शख्स ने जिम्मेदारों को गुमराह कैसे कर दिया।
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महराजगंज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़झाला की पोल खुलकर सामने आ गई है। गत 13 अक्तूबर को हुए सामूहिक विवाह समारोह में कोल्हुई क्षेत्र का शादीशुदा व्यक्ति अपनी साली से शादी से रचा ली। लेकिन, अधिकारियों को इसकी भनक भी नहीं लगी। शिकायत मिलते ही इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने पर प्रति जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च होते हैं और वधू को 35 हजार रुपये के चेक मिलते हैं। जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र के बड़िहारी गांव का एक शादीशुदा व्यक्ति अपनी साली के साथ विवाह कर लिया। शादीशुदा व्यक्ति के बच्चे भी हैं। लेकिन, बावजूद इसके सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी के लिए पंजीकरण कराने के बाद साली से शादी भी कर ली। शादी समारोह में उसको जो उपहार मिला, उसे भी लेकर चला गया।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पांडेय ने बताया कि ऐसी शिकायत मिली है। इसकी सत्यता की जांच शुरू कर दी गई है। इसमें जो भी कुसूरवार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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परेशान हो गए जिम्मेदार
सामूहिक शादी समारोह में यह गड़बड़ी सामने आई तो जिम्मेदारों को पसीना आने लगा। योजना के तहत सरकार गरीबों की शादी कराने के लिए प्रति जोड़ा 51 हजार की रकम खर्च करती है। पंजीकरण के बाद इसकी पात्रता का सत्यापन भी कराया जाता है। लेकिन, हैरत की बात है कि साली से शादी रचाने वाले शख्स ने जिम्मेदारों को गुमराह कैसे कर दिया।