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जल संरक्षण से जुड़े 356 कार्य नहीं हो सके प्रारम्भ
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जल संरक्षण से जुड़े 356 कार्य नहीं हो सके प्रारम्भ
कार्य प्रारंभ न होने से जल संचयन के उद्देश्य को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत जिले के 353 स्थलों पर जल संरक्षण का कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका है। कार्य प्रारंभ न होने से जल संचयन के उद्देश्य को झटका लग रहा है। मनरेगा योजना के तहत पानी की महत्ता को बताने के लिए जल संरक्षित किया जाता है, जिससे कि भूमि के अंदर पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसके लिए विभिन्न उपायों के साथ शोकपिट व नाली आदि का निर्माण भी कराया जाता है। इस बार भी जिले में कोरोना व अन्य कारणों से अभी तक 356 स्थलों पर जल संरक्षण व जल संचयन को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। नाली व शोकपिट का निर्माण न होने से जहां जरूरत मंदों के रोजगार के अवसर नहीं सृजित हो पा रहे हैं, वहीं योजना की सार्थकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उपायुक्त अनिल चौधरी ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने की पहल जारी है। कोरोना की वजह से कुछ समस्या आ रही थी, मगर जल्द ही स्थिति बेहतर हो जाएगी। जल संरक्षण व जल संचयन से जुड़े सबसे अधिक 58 कार्य पनियरा में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त सिसवा व फरेंदा में 38-38 , घुघली में 19, बृजमनगंज में 22,धानी में 9, लक्ष्मीपुर में 48, सदर में 35, मिठौरा में 36, नौतनवा में 19, निचलौल में 14, परतावल में 20 कार्य लंबित हैं।
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कार्य प्रारंभ न होने से जल संचयन के उद्देश्य को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत जिले के 353 स्थलों पर जल संरक्षण का कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका है। कार्य प्रारंभ न होने से जल संचयन के उद्देश्य को झटका लग रहा है। मनरेगा योजना के तहत पानी की महत्ता को बताने के लिए जल संरक्षित किया जाता है, जिससे कि भूमि के अंदर पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसके लिए विभिन्न उपायों के साथ शोकपिट व नाली आदि का निर्माण भी कराया जाता है। इस बार भी जिले में कोरोना व अन्य कारणों से अभी तक 356 स्थलों पर जल संरक्षण व जल संचयन को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। नाली व शोकपिट का निर्माण न होने से जहां जरूरत मंदों के रोजगार के अवसर नहीं सृजित हो पा रहे हैं, वहीं योजना की सार्थकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उपायुक्त अनिल चौधरी ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने की पहल जारी है। कोरोना की वजह से कुछ समस्या आ रही थी, मगर जल्द ही स्थिति बेहतर हो जाएगी। जल संरक्षण व जल संचयन से जुड़े सबसे अधिक 58 कार्य पनियरा में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त सिसवा व फरेंदा में 38-38 , घुघली में 19, बृजमनगंज में 22,धानी में 9, लक्ष्मीपुर में 48, सदर में 35, मिठौरा में 36, नौतनवा में 19, निचलौल में 14, परतावल में 20 कार्य लंबित हैं।