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Maharajganj News: जमीन की नवैयत में हेराफेरी, मुआवजे में खेल

Thu, 04 Dec 2025 02:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:14 AM IST
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Manipulation of land ownership and compensation scam
रेलवे को लेकर सर्वे करती टीम। 
अब तक सामने आ चुके हैं तीन पीड़ित, जांच हुई तो परत दर परत खुलेगी अंधेरगर्दी की पोल
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महराजगंज। रेलवे ट्रैक के दायरे में आने वाली जमीनों का मुआवजा देने में धांधली का मामला प्रकाश में आया है। प्रकरण में कार्रवाई भी हो चुकी है। मामले की जांच की जा रही है। दो पीड़ित फिर सामने आए हैं। पहला रेलवे ट्रैक के दायरे में आने वाली जमीन है तो दूसरा पनियरा–पक्की सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाली जमीन है। जमीनों की स्थिति को गलत बताकर रकम की मांग की जा रही है। रकम नहीं देने पर सड़क किनारे की जमीन का मुआवजा भी कम कर दिया जा रहा है।
सदर क्षेत्र के रम्हौली गांव के वीरेंद्र परेशान हैं। वह मुअवजा के लिए दर-दर भटकने को विवश हैं। बीते दिनों शिकायत कर उन्होंने अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 05 और 179 की जमीन रेलवे के दायरे में है। जमीन अधिग्रहण के तीन माह बाद भी मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कुछ कर्मियों का जिक्र कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रकम की मांग की जा रही है। एक तो जमीन चली गई, दूसरे मुआवजा में पेच फंसा दिया जा रहा है। सभी जरूरी प्रपत्र देने के बाद भी हर बार कोई न कोई कमी बता कर लौटा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे ही पेंच फंसा कर रकम की वसूली की जा रही है।
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इसी गांव के जयराम भी परेशान हैं। इनकी जमीन की स्थिति को ही बदल दिया गया है। सड़क के किनारे इनकी जमीन है। इसे सामान्य कृषि की जमीन बताकर मुआवजा बनाया गया है। सड़क के किनारे की जमीन के हिसाब से मुआवजा देने के लिए रकम की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है की क्या किया जाए। अधिकारी कायदे-कानून की बात कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। मामले में शिकायत की गई है।
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मोहम्मद उमर खान की जमीन रेलवे लाइन में अधिग्रहित हुई है। मुआवजा से अधिक धनराशि दिलवाने का आश्वासन देकर लेखपाल, भूमि अध्याप्ति कार्यालय के भूमि अर्जन अमीन आकाश उर्फ बादल एवं डाॅ. खुसरो ने उनसे चेक ले लिया। शिकायतकर्ता के बयान, आरोपियों के बयान, बैंक से संबंधित अभिलेख आदि का अवलोकन करने पर सच्चाई सामने आ गई। भूमि अध्याप्ति कार्यालय की पत्रावली अनुसार उमर खान एवं उनके दो भाई अमिर खान, जहांगीर खान प्रत्येक को 67,65,527 एवं इनकी माता हसबुन निशां को 31,63,312 का भुगतान होना दर्शाया गया।

भूमि अध्याप्ति कार्यालय के अमीन आकाश चन्द बादल ने अनाधिकृत रूप से काम किया। एक गाटा संख्या 1167 ग्राम सिसवा अमहवा परगना हवेली की सीमा पर स्थित है इस पर चक संख्या 394 रास्ता भी है। लेखपाल राजकुमार ने बताया कि रास्ता मौके पर भी है। तहसील की आख्या एवं भूमि अध्याप्ति कार्यालय की ओर से बनाए गए भुगतान संबंधी प्रपत्र इसी रास्ते के मूल्यांकन के अनुसार ही बनाकर भुगतान कराया गया है। लेकिन अमीन ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था कि नक्शे में सड़क नहीं होने के बावजूद हम तुम्हें सड़क के हिसाब से रुपये दिलवा देंगे। इस आश्वासन पर शिकायतकर्ता एवं उसके दो अन्य भाई से हस्ताक्षरित चेक ( बिना धनराशि भरे) बादल ने डॉ. एएच खुसरो को दिलवा दी। चेक में कुल 42 लाख की धनराशि भरकर प्रेमचंद के खाते में जमा कर दिया।

दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
मोहम्मद उमर खान निवासी पकड़ी नौनिया ने 06 अक्तूबर 2025 को शिकायत की। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की जांच आख्या 10 नवंबर 2025 प्रस्तुत की गई। इसके मुताबिक भूमि अर्जन अमीन आकाश चन्द्र बादल, एमएम हॉस्पिटल ग्राम पिपरा बाबू (रमपुरवा) के संचालक डॉ. एएच खुसरो और प्रेमचन्द्र वर्मा निवासी-साधोचक उर्फ मोहम्मदपुर, कम्हरिया कला ने आपस में साठ-गांठ करके धोखाधड़ी की। आरोपी 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी के प्रथम दृष्टया दोषी हैं, इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।


मामले में जांच जारी है। प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों के हिसाब से कार्रवाई हो चुकी है। मुआवजे को लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है।
-नंद किशोर मौर्य, भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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