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प्रबंधकों ने स्कूल बंद करने की दी चेतावनी
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Wed, 09 May 2018 12:30 AM IST
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प्रबंधकों ने स्कूल बंद करने की दी चेतावनी
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। कलेक्ट्रेट के सामने वित्त विहीन स्कूल प्रबंधक संघ की बैठक हुई। जिसमें मान्यता व मानक पूरा करने का विद्यालय प्रबंधन को समय दिए जाने की मांग की गई। वहीं, विद्यालय प्रबंधकों की मांग के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष सिसवां ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रबंधकों ने भी प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई में ढील दिए जाने की मांग की। इस बीच प्रशासन की तरफ से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों ने स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है।
भाजयूमो के पूर्व नगर अध्यक्ष कन्हैया लाल शर्मा ने कहा कि मान्यता के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उसे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पूरा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में मान्यता के लिए निर्धारित मानक में सहूलियत दिए जाने की जरूरत है। उधर, वित्त विहीन प्रबंधक संघ के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने कहा कि प्रबंधकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी मानक पूरे नहीं हैं। कई परिषदीय स्कूलों में एक अध्यापक शिक्षा देता है। बच्चों को टाट पर बैठाया जाता है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है।परिसर में घास उगे हुए हैं। पूर्ण रूप से कमरे नहीं है। ऐसे में बिना मान्यता वाले विद्यालयों को सुचारु रूप से चलने दिया जाए और मानक को पूरा करने के लिए समय दिया जाए। इस दौरान दिनेश कुमार, रूपक पटेल, बाबू लाल त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, अनंत गुप्ता, अर्जुन, तारकेश्वर, कैलाश यादव, चंद्रभान जायसवाल, अनंत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भाजयूमो के पूर्व नगर अध्यक्ष कन्हैया लाल शर्मा ने कहा कि मान्यता के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उसे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पूरा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में मान्यता के लिए निर्धारित मानक में सहूलियत दिए जाने की जरूरत है। उधर, वित्त विहीन प्रबंधक संघ के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने कहा कि प्रबंधकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी मानक पूरे नहीं हैं। कई परिषदीय स्कूलों में एक अध्यापक शिक्षा देता है। बच्चों को टाट पर बैठाया जाता है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है।परिसर में घास उगे हुए हैं। पूर्ण रूप से कमरे नहीं है। ऐसे में बिना मान्यता वाले विद्यालयों को सुचारु रूप से चलने दिया जाए और मानक को पूरा करने के लिए समय दिया जाए। इस दौरान दिनेश कुमार, रूपक पटेल, बाबू लाल त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, अनंत गुप्ता, अर्जुन, तारकेश्वर, कैलाश यादव, चंद्रभान जायसवाल, अनंत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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