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Maharajganj News: बारिश में बढ़ा संक्रमण, आई फ्लू के 26 मरीज पहुंचे अस्पताल
Tue, 05 Aug 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 05 Aug 2025 01:06 AM IST
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महराजगंज। मानसून की सक्रियता के बीच बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इससे संक्रामक बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। डायरिया, फीवर, फंगल इंफेक्शन, गले के संक्रमण में जहां तेजी देखी जा रही, वहीं आई फ्लू ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई है। सोमवार ओपीडी में 26 रोगी पहुंचे, जिन्हें जांच के बाद दवा के साथ चिकित्सकों ने हिदायत देकर भेज दिया।
रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में खराब मौसम के बीच 597 रोगियों का उपचार हुआ। नेत्र संक्रमण के रोगियों की जांच रिपोर्ट देखकर डॉ. मनीष निगम ने इसे आई फ्लू का एक अलग तरह का संक्रमण बताया, जिसमें आंख की सूजन से समस्या शुरू होती है। इसके बाद आंख लाल होने के साथ चुभन व दर्द शुरू होता है। यह बारिश के पानी का एलर्जिक रिएक्शन है।
कुछ मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार है। श्वसन तंत्र या नाक-कान या गले में किसी तरह के संक्रमण से भी वायरल कंजक्टिवाइटिस होता है। कुछ सावधानी रखकर इससे बचा जा सकता है। इसमें बारिश के मौसम में भीगने से बचने, हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ रखने की जरूरत रहती है।
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आंखों की सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। ठंडे पानी से आंख बार-बार धोएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। अगर संक्रमित आंख को छुएं तो हाथ अच्छे से साफ करें।
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रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में खराब मौसम के बीच 597 रोगियों का उपचार हुआ। नेत्र संक्रमण के रोगियों की जांच रिपोर्ट देखकर डॉ. मनीष निगम ने इसे आई फ्लू का एक अलग तरह का संक्रमण बताया, जिसमें आंख की सूजन से समस्या शुरू होती है। इसके बाद आंख लाल होने के साथ चुभन व दर्द शुरू होता है। यह बारिश के पानी का एलर्जिक रिएक्शन है।
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कुछ मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार है। श्वसन तंत्र या नाक-कान या गले में किसी तरह के संक्रमण से भी वायरल कंजक्टिवाइटिस होता है। कुछ सावधानी रखकर इससे बचा जा सकता है। इसमें बारिश के मौसम में भीगने से बचने, हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ रखने की जरूरत रहती है।
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आंखों की सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। ठंडे पानी से आंख बार-बार धोएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। अगर संक्रमित आंख को छुएं तो हाथ अच्छे से साफ करें।