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Maharajganj News: महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि मनाई गई
Sun, 19 Jan 2025 09:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 19 Jan 2025 09:42 PM IST
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नौतनवा। तहसील क्षेत्र के गांव चड़लहा के चौतरवा स्थित कोटही माता मंदिर परिसर में रविवार को अखिल क्षत्रिय महासभा की ओर से महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला संरक्षक नरसिंह बहादुर सिंह रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि उनका जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में 9 मई 1540 को हुआ था। वह बहुत ही स्वाभिमानी थे।
उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए मेवाड़ की धरती को मुगलों के आतंक से बचाने और अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष करते रहे। महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार न कर अपने राज्य एवं सर्व समाज की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत लड़ते रहे। उन्होंने जंगलों में घास की रोटी खाई, नदी का पानी पिया और पत्थरों पर सो करके अपने देशभक्ति की मिसाल कायम की, जिससे वह आज भी अमर हैं। इस मौके पर जिला महामंत्री सत्य प्रकाश सिंह, ग्राम प्रधान संजय सिंह,वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, नन्हे सिंह, टुनटुन सिंह, अमरजीत सिंह, रुदल सिंह, दशरथ, मशहूर मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि उनका जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में 9 मई 1540 को हुआ था। वह बहुत ही स्वाभिमानी थे। उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए मेवाड़ की धरती को मुगलों के आतंक से बचाने और अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष करते रहे। महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार न कर अपने राज्य एवं सर्व समाज की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत लड़ते रहे।
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उन्होंने जंगलों में घास की रोटी खाई, नदी का पानी पिया और पत्थरों पर सो करके अपने देशभक्ति की मिसाल कायम की, जिससे वह आज भी अमर हैं। इस मौके पर जिला महामंत्री सत्य प्रकाश सिंह, ग्राम प्रधान संजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, नन्हे सिंह, टुनटुन सिंह, अमरजीत सिंह, रुदल सिंह, दशरथ, मशहूर मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए मेवाड़ की धरती को मुगलों के आतंक से बचाने और अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष करते रहे। महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार न कर अपने राज्य एवं सर्व समाज की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत लड़ते रहे। उन्होंने जंगलों में घास की रोटी खाई, नदी का पानी पिया और पत्थरों पर सो करके अपने देशभक्ति की मिसाल कायम की, जिससे वह आज भी अमर हैं। इस मौके पर जिला महामंत्री सत्य प्रकाश सिंह, ग्राम प्रधान संजय सिंह,वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, नन्हे सिंह, टुनटुन सिंह, अमरजीत सिंह, रुदल सिंह, दशरथ, मशहूर मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि उनका जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में 9 मई 1540 को हुआ था। वह बहुत ही स्वाभिमानी थे। उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए मेवाड़ की धरती को मुगलों के आतंक से बचाने और अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष करते रहे। महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार न कर अपने राज्य एवं सर्व समाज की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत लड़ते रहे।
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उन्होंने जंगलों में घास की रोटी खाई, नदी का पानी पिया और पत्थरों पर सो करके अपने देशभक्ति की मिसाल कायम की, जिससे वह आज भी अमर हैं। इस मौके पर जिला महामंत्री सत्य प्रकाश सिंह, ग्राम प्रधान संजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, नन्हे सिंह, टुनटुन सिंह, अमरजीत सिंह, रुदल सिंह, दशरथ, मशहूर मौजूद रहे। संवाद