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Maharajganj News: सीएम डैशबोर्ड में महराजगंज जिला सूबे में सातवें स्थान पर
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महराजगंज। विकास और राजस्व के क्षेत्र में महराजगंज जिले ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी उत्तर प्रदेश सीएम डैशबोर्ड की जिला रैंकिंग में महराजगंज ने प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है। जिले को विकास एवं राजस्व से जुड़े कार्यों के मूल्यांकन में 10 में से 9.27 अंक मिले हैं। यानी जिले का कुल प्रदर्शन 92.70 प्रतिशत रहा।
प्रदेश की रैंकिंग में महराजगंज से आगे केवल मैनपुरी, पीलीभीत, आजमगढ़, बरेली, रामपुर और शाहजहांपुर जिले रहे। खास बात यह है कि गोरखपुर और बस्ती मंडल का कोई अन्य जिला टॉप-40 में भी जगह नहीं बना सका। सीएम डैशबोर्ड की जिला अनुश्रवण पुस्तिका में विकास और राजस्व से जुड़े कुल 140 पैरामीटर को शामिल किया गया था। इनमें अधिकांश योजनाओं और विभागों में महराजगंज का प्रदर्शन बेहतर रहा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में महराजगंज अव्वल : गोरखपुर और बस्ती मंडल के सात जिलों की बात करें तो महराजगंज ने दोनों मंडलों में पहला स्थान हासिल किया है। महराजगंज को 92.70 अंक मिले हैं। वहीं कुशीनगर 88.90 अंक के साथ मंडल में दूसरे और प्रदेश में 46वें स्थान पर रहा। संतकबीरनगर को 88.00 अंक मिले और वह प्रदेश में 48वें स्थान पर रहा। गोरखपुर 87.70 अंक के साथ 49वें, देवरिया 86.60 अंक के साथ 64वें, बस्ती 86.30 अंक के साथ 65वें और सिद्धार्थनगर 86.20 अंक के साथ 66वें स्थान पर रहा।
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पर्यटन, ऊर्जा और कृषि समेत कई योजनाओं में पूरे अंक
सीएम डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों के मूल्यांकन में पर्यटन, अतिरिक्त ऊर्जा विभाग की सोलर स्ट्रीट लाइट, पीएम सूर्य घर योजना, उद्यान, ऊर्जा, कृषि विभाग की पीएम किसान योजना, फसल बीमा और कुसुम योजना में जिले को पूरे अंक मिले हैं। इसी तरह ग्राम्य विकास विभाग की मनरेगा, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण, एनआरएलएम और ग्रामीण अभियंत्रण से जुड़े कार्यों में भी जिले का प्रदर्शन शत-प्रतिशत रहा। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा, दिव्यांग पेंशन और दुग्ध विकास में भी जिले को पूरे अंक मिले हैं। राजस्व से जुड़े कार्यों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विपणन मंडी आय एवं आवक, खाद्य सुरक्षा, गन्ना पर्ची एवं भुगतान, अमृत-2, भू-तत्व एवं खनिकर्म, ई-खसरा, एंटी भू-माफिया और प्रमाण पत्रों के निस्तारण में भी जिले को शत-प्रतिशत अंक मिले हैं।
फैमिली आईडी और आबकारी में सुधार की जरूरत
हालांकि कुछ योजनाओं में जिले का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। जल जीवन मिशन और जननी सुरक्षा योजना में सात-सात अंक मिले। आबकारी विभाग में उत्पाद राजस्व बनाम लक्ष्य और पीएम स्वनिधि योजना में पांच-पांच अंक मिले हैं। नियोजन विभाग की फैमिली आईडी योजना में जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। इसमें 10 में से केवल चार अंक मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इन योजनाओं में सुधार के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
पिछली रैंकिंग की तुलना में इस बार जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। आने वाली रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी महराजगंज
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प्रदेश की रैंकिंग में महराजगंज से आगे केवल मैनपुरी, पीलीभीत, आजमगढ़, बरेली, रामपुर और शाहजहांपुर जिले रहे। खास बात यह है कि गोरखपुर और बस्ती मंडल का कोई अन्य जिला टॉप-40 में भी जगह नहीं बना सका। सीएम डैशबोर्ड की जिला अनुश्रवण पुस्तिका में विकास और राजस्व से जुड़े कुल 140 पैरामीटर को शामिल किया गया था। इनमें अधिकांश योजनाओं और विभागों में महराजगंज का प्रदर्शन बेहतर रहा।
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में महराजगंज अव्वल : गोरखपुर और बस्ती मंडल के सात जिलों की बात करें तो महराजगंज ने दोनों मंडलों में पहला स्थान हासिल किया है। महराजगंज को 92.70 अंक मिले हैं। वहीं कुशीनगर 88.90 अंक के साथ मंडल में दूसरे और प्रदेश में 46वें स्थान पर रहा। संतकबीरनगर को 88.00 अंक मिले और वह प्रदेश में 48वें स्थान पर रहा। गोरखपुर 87.70 अंक के साथ 49वें, देवरिया 86.60 अंक के साथ 64वें, बस्ती 86.30 अंक के साथ 65वें और सिद्धार्थनगर 86.20 अंक के साथ 66वें स्थान पर रहा।
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पर्यटन, ऊर्जा और कृषि समेत कई योजनाओं में पूरे अंक
सीएम डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों के मूल्यांकन में पर्यटन, अतिरिक्त ऊर्जा विभाग की सोलर स्ट्रीट लाइट, पीएम सूर्य घर योजना, उद्यान, ऊर्जा, कृषि विभाग की पीएम किसान योजना, फसल बीमा और कुसुम योजना में जिले को पूरे अंक मिले हैं। इसी तरह ग्राम्य विकास विभाग की मनरेगा, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण, एनआरएलएम और ग्रामीण अभियंत्रण से जुड़े कार्यों में भी जिले का प्रदर्शन शत-प्रतिशत रहा। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा, दिव्यांग पेंशन और दुग्ध विकास में भी जिले को पूरे अंक मिले हैं। राजस्व से जुड़े कार्यों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विपणन मंडी आय एवं आवक, खाद्य सुरक्षा, गन्ना पर्ची एवं भुगतान, अमृत-2, भू-तत्व एवं खनिकर्म, ई-खसरा, एंटी भू-माफिया और प्रमाण पत्रों के निस्तारण में भी जिले को शत-प्रतिशत अंक मिले हैं।
फैमिली आईडी और आबकारी में सुधार की जरूरत
हालांकि कुछ योजनाओं में जिले का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। जल जीवन मिशन और जननी सुरक्षा योजना में सात-सात अंक मिले। आबकारी विभाग में उत्पाद राजस्व बनाम लक्ष्य और पीएम स्वनिधि योजना में पांच-पांच अंक मिले हैं। नियोजन विभाग की फैमिली आईडी योजना में जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। इसमें 10 में से केवल चार अंक मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इन योजनाओं में सुधार के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
पिछली रैंकिंग की तुलना में इस बार जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। आने वाली रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी महराजगंज